Hyperpigmentation Reasons: चेहरे पर अचानक काले धब्बे या असमान रंगत दिखने लगे तो ज्यादातर लोग इसे सिर्फ धूप या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं. लेकिन हर बार इसकी वजह इतनी साधारण नहीं होती. कई बार त्वचा पर दिखने वाला पिग्मेंटेशन (हाइपरपिग्मेंटेशन) शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव, किसी बीमारी, दवाओं के साइड इफेक्ट या त्वचा में सूजन का संकेत भी हो सकता है. यही कारण है कि केवल महंगी क्रीम लगाने से यह समस्या हमेशा दूर नहीं होती. सवाल यह भी उठता है कि क्या सही खानपान से पिग्मेंटेशन खत्म किया जा सकता है? आइए जानते हैं इसके कारण, बचाव और इलाज से जुड़ी जरूरी बातें.
क्या होता है हाइपरपिग्मेंटेशन?
मेडिकल न्यूज टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, त्वचा का रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट तय करता है. जब किसी कारण से मेलेनिन सामान्य से अधिक या असमान मात्रा में बनने लगता है, तो त्वचा पर गहरे रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हैं. इस स्थिति को हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है. यह चेहरे, गर्दन, हाथों और धूप के संपर्क में आने वाले अन्य हिस्सों पर अधिक नजर आता है.
पिग्मेंटेशन होने के प्रमुख कारण
1. धूप में ज्यादा समय बिताना: विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा खुद को बचाने के लिए अधिक मेलेनिन बनाती है. इससे चेहरे पर सन स्पॉट्स या एज स्पॉट्स बनने लगते हैं.
2. मुंहासे या त्वचा में सूजन: अगर त्वचा पर मुंहासे, एक्जिमा, एलर्जी, रैशेज़ या किसी तरह की चोट हुई हो, तो उसके ठीक होने के बाद उस जगह का रंग गहरा हो सकता है. इसे पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है.
3. हार्मोनल बदलाव: गर्भावस्था, हार्मोनल असंतुलन या कुछ हार्मोनल दवाओं के कारण मेलाज़्मा नामक समस्या हो सकती है, जिसमें चेहरे पर बड़े-बड़े भूरे धब्बे दिखाई देने लगते हैं. यह महिलाओं में अधिक आम है.
4. कुछ दवाओं का असर: कुछ एंटीमलेरियल दवाएं, ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स और कुछ केमिकल युक्त क्रीम भी त्वचा पर पिग्मेंटेशन बढ़ा सकती हैं.
5. कुछ गंभीर बीमारियां: विशेषज्ञों के अनुसार एडिसन डिजीज़ और हीमोक्रोमैटोसिस जैसी चिकित्सीय स्थितियां भी त्वचा के रंग में बदलाव का कारण बन सकती हैं. ऐसे मामलों में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है.
क्या सही खानपान से पिग्मेंटेशन ठीक हो सकता है?
सेहत और संतुलित आहार त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में जरूर मदद करता है. विटामिन C, विटामिन E, बीटा-कैरोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल, हरी सब्जियां, मेवे और बीज त्वचा को पोषण देते हैं. हालांकि, अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि केवल डाइट बदलने से पिग्मेंटेशन पूरी तरह खत्म हो जाता है. इसलिए इसे इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता.
काले धब्बों से कैसे करें बचाव?
त्वचा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, तेज धूप से बचें और त्वचा को बार-बार रगड़ने या कठोर केमिकल वाले उत्पादों का उपयोग करने से बचें. यदि पिग्मेंटेशन लंबे समय तक बना रहे या तेजी से बढ़े, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर टॉपिकल क्रीम, केमिकल पील, लेजर या लाइट थेरेपी की सलाह दे सकते हैं.