Amla Health Benefits: गर्मियों का मौसम अब समाप्ति की ओर है और जल्द सर्दियां दस्तक देने वाली हैं. इस मौसम के आते ही बाजार में हरे-हरे आंवले आसानी से नजर आने लगते हैं. स्वाद में खट्टा और कसैला लगने वाला यह छोटा-सा फल पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है. यही वजह है कि आयुर्वेद में भी आंवले को लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है. विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आंवला इम्यूनिटी से लेकर पाचन और त्वचा तक के लिए फायदेमंद हो सकता है. खास बात यह है कि इसके लिए आपको महंगे हेल्थ फूड या सप्लीमेंट पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं. आइए जानते हैं नियमित रूप से आंवला खाने के 5 फायदे.
आंवला खाने के 5 बड़े फायदे
1. इम्यूनिटी बू्स्ट करे: नोएडा की डाइटिशियन खुशबू शर्मा के मुताबिक, आंवले में विटामिन C और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. विटामिन C शरीर के सामान्य इम्यून फंक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए डाइट में आंवला शामिल करने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते है.
2. पाचन के लिए फायदेमंद: आंवला फाइबर का स्रोत है, जो पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है. संतुलित डाइट के साथ पर्याप्त फाइबर लेने से मल त्याग को नियमित रखने में मदद मिल सकती है. कब्ज की समस्या वाले लोगों के लिए भी फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकते हैं.
3. त्वचा के लिए उपयोगी: विटामिन C शरीर में कोलेजन बनाने में भूमिका निभाता है. कोलेजन त्वचा सहित शरीर के कई ऊतकों के लिए महत्वपूर्ण प्रोटीन है. आंवले जैसे विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए मददगार हो सकता है.
4. बालों को मिलेगा पोषण: आंवले को लंबे समय से बालों की देखभाल से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, आंवला खाने से बाल झड़ने की समस्या तुरंत ठीक नहीं होगी, लेकिन धीरे-धीरे परेशानी कम हो सकती है. क्योंकि, इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों फायदा पहुंचाते हैं.
5. शरीर को एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट: शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में एंटीऑक्सीडेंट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. आंवले में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं. इसलिए इसे फल के रूप में खाना रोजाना की हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.
कैसे करें आंवले का सेवन?
आंवला कच्चा, सलाद के रूप में, चटनी या भोजन के साथ लिया जा सकता है. आंवले का सेवन किस रूप और कितनी मात्रा में करना चाहिए, यह व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है. बाजार में मिलने वाले आंवला कैंडी, मुरब्बे और जूस में अतिरिक्त चीनी भी हो सकती है, इसलिए लेबल देखकर चुनाव करना बेहतर है.