Monday, October 3, 2022

Health Tips: क्या है पार्किंसन बीमारी, कहीं आप भी इसका शिकार तो नहीं?…जानें लक्षण

नई दिल्ली। बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई ऐसी बीमारियां होने लग जाती हैं, जो वृद्धावस्था को मुश्किल बना देती हैं. ऐसी ही एक बीमारी पार्किंसन है. आइए आपको बता दें क्या हैं. इस बीमारी और इसके लक्षण बारें में- इस बीमारी में हाथ पैर सुन्न हो जाते हैं. दिमाग़ ठीक से नही चल पाता है. दिमाग़ बॉडी के बाक़ी अंगो को कंट्रोल करने की केपबिलिटी खो देता है. ये एक तरह से न्यूरोडिजेनरेटिव दिसऑर्डर है. 60 साल के बाद इस बीमारी के प्रभावित होने के आसार होते है. वैसे शुरूवात में इसको समझ नही पाते हैं क्योंकि इसका अंगो पर धीरे-धीरे असर पड़ता है. इस बीमारी से हमारे चलने, सोने, बात करने और सोचने हर काम पर असर पड़ता है. आपको बता दे इस बीमारी का कोई इलाज नही है, केवल लक्षणों को पहचान कर इसे कंट्रोल कर सकते हैं.

पार्किंसन बीमारी के लक्षण.

1. कांपना- इस बीमारी का प्रमुख लक्षण कांपना है इसमें हाथ कांपने लगते है. ये कपन किसी भी अंग में हो सकती है. लेकिन शुरूवात उंगली और हाथों से होती है. जब शरीर आराम की स्थिति में होता है तब ये कपन होती है.

2. कम क्षमता- इस बीमारी में उम्र के साथ आपकी कार्य क्षमता भी कम होने लगती है. इसमें आपको हर काम कठिन और काफ़ी समय लगता है.

3. मूव्मेंट में बदलाव- शुरूवात में तो बहुत ही कम मूव्मेंट में परिवर्तन आता है. लेकिन कपन के साथ उसकी चाल में भी बदलाव आने लगता है. वह इंसान आगे की और झुककर चलने लगता है. उसका शरीर साथ नही देता है और वह चीजें गिरा सकता है.

4. लिखने में दिक़्क़त-इस बीमारी का एक लक्षण यह भी है की इंसान को लिखने में परेशानी होने लगती है. लिखते वक्त अंगूठा और तर्जनी उंगली के आपस में रगड़ने से हाथ तेज़ी से हिलने लगता है और लिखने में दिक़्क़त होती है.

5. आवाज़ में बदलाव- कई बार कुछ लोगों की आवाज़ में भी परिवर्तन होता दिखाई देता है. आपकी आवाज़ या उच्चारण में बदलाव दिखता है. अगर ऐसा हो तो इस बीमारी का ख़तरा है.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की इन खबर पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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