Happy Makar Sankranti

नई दिल्ली, (Happy Makar Sankranti) मकर संक्रांति का पर्व उत्तर भारत समेत पूरे देश में बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है. इसके अलावा यह पर्व (संक्रान्ति) नेपाल में भी मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है. कहते हैं इस दिन से सूर्य की किरणे गर्म होने लगती है और ठण्ड छटने लगती है. इस दिन तिल गुड़ खाने की विशेष मान्यता है, साथ ही दान और गंगा स्नान से भी पुण्य की प्राप्ति होती है.

उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को दान का पर्व कहा जाता है. माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान के बाद दान-दक्षिणा करने से पुण्य मिलता है. प्रदेश में इस त्योहार को खिचड़ी नाम से भी जाना जाता है.

पंजाब-हरियाणा:

पंजाब हरियाणा में मकर संक्रांति  (Makar Sankranti) के त्योहार को लोहड़ी कहा जाता है. इस दिन अग्निदेव की पूजा कर अग्नि में गुड़, घी, तिल रेवड़ी आदि की आहुति दी जाती है.

पश्चिम बंगाल:

पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति के दिन बहुत बड़े गंगासगर मेले का आयोजन किया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन गंगा भगीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए गंगा सागर में जा मिली थी, तब से ही मकर संक्रांति के दिन गंगासगर स्नान और उसके बाद दान का विशेष महत्व है.

बिहार:

बिहार में भी मकर संक्रांति के त्योहार को खिचड़ी कहा जाता है. इस दिन उड़द की दाल, चावल, तिल, गुड़, खटाई और ऊनि वस्त्र का दान किया जाता है.

अन्य राज्य: 

असम में इसे ‘माघ- बिहू’ और भोगली में बिहू नाम से मनाया जाता है. तमिल नाडु में यह त्योहार चार दिनों का होता है. पहले दिन भोगी – पोंगल, दूसरा दिन सूर्य- पोंगल, तीसरा दिन ‘मट्टू- पोंग’ और चौथा दिन ‘,कन्या-पोंगल’ के रूप में मनाया जाता है.

 

यह भी पढ़ें:

Train Accident Tragedy : बंगाल ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 9 हुई, 36 घायलों में कई की हालत गंभीर

SHARE