Julana Milk Ghee Price | Haryana Milk Price Hike: हरियाणा के जींद जिले के जुलाना में दूध और घी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. यहां डेयरी संचालकों ने बैठक कर दूध और घी की नई कीमतें तय की हैं. बढ़ती महंगाई और पशुओं के चारे समेत डेयरी कारोबार की लागत बढ़ने का हवाला देते हुए इन नए रेट पर सहमति बनाई गई . ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि अब जुलाना में गाय और भैंस के दूध और घी के रेट क्या तय हुए है और यदि किसी ने यह नियम तोड़ा तो उसपर कितने रुपये का जुर्माना लगाने वाला है.
बढ़ती लागत से परेशान डेयरी संचालक
जुलाना कस्बे की अग्रवाल धर्मशाला में रविवार यानी 30 अगस्त 2026 को डेयरी संचालकों की बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता डेयरी संचालक एसोसिएशन के प्रधान मनोज ने की. बैठक में कारोबार से जुड़े खर्च, पशुओं के चारे की बढ़ती कीमत और अन्य जरूरी सामान महंगा होने पर विस्तार से चर्चा की गई. डेयरी संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण उनके लिए कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है. पशुओं के रखरखाव और दूध उत्पादन पर होने वाला खर्च पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है.
1800 से 3000 रुपये हुआ खल का कट्टा
बैठक में डेयरी संचालकों ने बढ़ती लागत का उदाहरण देते हुए बताया कि पशुओं को खिलाई जाने वाली खल के एक कट्टे की कीमत पहले करीब 1800 रुपये थी. अब यही कट्टा लगभग 3000 रुपये में मिल रहा है. इसके अलावा सरसों के तेल समेत पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाली कई अन्य चीजों के दाम भी बढ़ गए हैं. डेयरी संचालकों के मुताबिक चारे और अन्य खर्च बढ़ने से दूध उत्पादन की लागत पर भी सीधा असर पड़ा है.
अब इतने रुपये लीटर मिलेगा दूध और घी
बैठक में विचार के बाद दूध और घी के नए रेट तय किए गए हैं, जिसमें-
- भैंस का दूध-100 रुपये प्रति लीटर
- गाय का दूध-80 रुपये प्रति लीटर
- भैंस का घी-1500 रुपये प्रति किलोग्राम
- गाय की घी- 2500 रुपये प्रति किलोग्राम
करने पर सहमति बनाई गई है.
रेट से कम पर बेचने पर कितना लगेगा जुर्माना
बैठक में सिर्फ नए रेट तय करने तक ही मामला सीमित नहीं रहा. डेयरी संचालकों ने नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी फैसला किया. तय कीमत से कम रेट पर दूध या घी बेचने वाले डेयरी संचालक पर 21,000 रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही गई है.
बैठक में कई डेयरी संचालक रहे मौजूद
बैठक में संजय, कुलजीत, अनिल, मनोज और कुलदीप समेत कई डेयरी संचालक मौजूद रहे. बढ़ती लागत के बीच डेयरी संचालकों द्वारा लिए गए इस फैसले से आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर दूध और घी की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.