Haryana Paper Leak: हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है. इस बार सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है.
दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इस पूरे विवाद के बीच सबसे अहम सवाल लाखों प्रतियोगी छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का है, जो पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
AAP ने उठाए भर्ती परीक्षाओं पर सवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार से सवाल करते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक या भर्ती संबंधी विवादों के आरोपों में घिरीं. उन्होंने दावा किया कि ग्राम सचिव, क्लर्क, पुलिस कांस्टेबल, HTET, पटवारी, नायब तहसीलदार, TGT, एक्साइज इंस्पेक्टर, एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर और अन्य कई भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आए.
AAP का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है, तो बार-बार ऐसे आरोप क्यों सामने आते हैं. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च के बावजूद विवादों की स्थिति क्यों बनती है.
BJP ने आरोपों को बताया राजनीतिक अभियान
इन आरोपों पर हरियाणा बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है. पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार ने मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था को मजबूत किया है और बिना सिफारिश तथा बिना रिश्वत के बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं.
बीजेपी ने यह भी कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में शिकायतें आती हैं तो सरकार जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटती. पार्टी के अनुसार, भर्ती प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं.