Haryana Dowry Death Case: हरियाणा के कैथल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शादी के महज तीन महीने बाद 24 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. महिला का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला. मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
शादी के कुछ महीने बाद शुरू हुई दहेज की मांग
मृतका की पहचान मीनाक्षी (24) के रूप में हुई है, जो करनाल जिले के अलवाला गांव की रहने वाली थीं. उनकी शादी करीब तीन महीने पहले कैथल जिले के चीका निवासी मंगत राम से हुई थी, जो मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं. परिजनों का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही दहेज को लेकर मीनाक्षी पर दबाव बनाया जाने लगा. उनका कहना है कि ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था.
मां से कहा था- “मुझे घर ले जाओ”
मृतका की मां सरोज के अनुसार, घटना से कुछ घंटे पहले उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी. बातचीत के दौरान मीनाक्षी ने कथित तौर पर कहा कि वह ससुराल में परेशान है और उसे वापस घर ले जाया जाए. परिवार ने अगले दिन उसे लेने जाने का फैसला किया था, लेकिन उसी रात ससुराल से फोन आया कि मीनाक्षी ने कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है.
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है. उनका कहना है कि मीनाक्षी दो महीने की गर्भवती थी और उसकी हत्या के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई. परिवार का यह भी आरोप है कि शादी के समय अपनी क्षमता के अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था. कथित तौर पर मीनाक्षी को यह कहकर ताने दिए जाते थे कि यदि शादी कहीं और होती तो अधिक दहेज मिलता.
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
जांच अधिकारी रणदीप सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस ने परिवार की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है. अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
यह मामला दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है. हालांकि, मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होंगी.