Faridabad Borewell Rescue: हरियाणा के फरीदाबाद में रविवार 27 सितंबर 2026 की शाम एक दर्दनाक हादसे हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. सीही गांव में महज 3 साल की बच्ची खेलते-खेलते करीब 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सबसे भावुक कर देने वाली बात यह है कि रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनी है. अब NDRF और SDRF की टीमें मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं.
ट्रैक्टर से फिसला पैर और सीधे बोरवेल में गिरी बच्ची
जानकारी के मुताबिक, बच्ची का नाम नेहा है. रविवार शाम करीब 7 बजे वह दूसरे बच्चों के साथ बोरवेल के आसपास खेल रही थी. वहां खड़े ट्रैक्टर पर बच्चे चढ़कर खेल रहे थे. इसी दौरान नेहा का पैर फिसला और वह सीधे खुले बोरवेल में जा गिरी. बच्ची के गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया. आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और उसके परिवार को जानकारी दी गई.
बोरवेल के अंदर डाला गया कैमरा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. अंधेरा होने के कारण बोरवेल के आसपास रोशनी की व्यवस्था की गई. रेस्क्यू टीम ने अंदर की स्थिति देखने के लिए कैमरा भी डाला. कैमरे में अंदर कुछ पत्थर दिखाई दिए हैं. अधिकारियों को बच्ची के रोने की आवाज भी सुनाई दी है. फिलहाल टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची बोरवेल के अंदर किस गहराई पर फंसी है.
15 साल से बंद था बोरवेल
नगर निगम के XEN संजीव कुमार के मुताबिक, यह बोरवेल करीब 15 साल पहले बंद किया गया था. निगम की ओर से इसे ढक्कन लगाकर बंद किया गया था. हालांकि, कुछ समय पहले ढक्कन हट गया और इसकी जानकारी निगम को नहीं दी गई. अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी.
बस मेरी बच्ची को बचा लो- रामदीन
बच्ची के पिता रामदीन हादसे के समय काम पर गए हुए थे. उन्हें गांव के लोगों से बेटी के बोरवेल में गिरने की जानकारी मिली. रोते हुए उन्होंने कहा कि उनकी तीन साल की बच्ची कई घंटे से अंदर है और वह चाहते हैं कि किसी तरह उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए.
बता दें कि, रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं और कई सालों से सीही गांव में रहकर मजदूरी करते हैं. परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं. फिलहाल, NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं. पूरा गांव बच्ची के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद में घटनास्थल के आसपास मौजूद है.