नई दिल्ली. बच्चों की कुंडली में उनका पांचवां घर उनकी लिखाई-पढ़ाई, स्वभाव, माता-पिता के साथ संबंधों के लिए होता है. जब इसमें आकर कोई पापी ग्रह बैठ जाए तो ऐसे में बच्चों के स्वभाव में एकदम चिड़चिड़ापन आ जाता है. उनका चिड़चिड़ापन इतना बढ़ जाता है कि उसको कुछ भी समझ नहीं आता और हर छोटी सी छोटी बातें उसे चुबने लगती हैं. माने अगर वो पानी मांगता है और उसे पानी नहीं दिया तो चिल्लाएगा, गुस्सा करेगा.

इतना ही नहीं अगर कोई छोटा सा मजाक भी कर देगा तो उसे लगता है उसके खिलाफ कोई बहुत बड़ी बात ही हो गई है. बच्चों को अगर समझाने की कोशिश करो तो उसे लगता है उसकी बेईज्जती हो गई. कुल मिलाकर ये एक ऐसा योग बन जाता है जिसके बाद बच्चे को कुछ भी समझ नहीं आता है और अपनी ही मानसिकता में बिल्कुल अगल तरह से उलझा हुआ रहता है. इस दौरान वो अपने अच्छे-बुरे के लिए भी नहीं सोच सकता.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों के गुस्से का उनके भविष्य पर क्या असर होता है. बहुत पढ़ने के बाद भी बच्चों को कुछ याद क्यों नहीं रहता, बच्चों के याददाश्त बढ़ाने वाले रामबाण उपाय क्या हैं और साथ ही बच्चों के गुस्से को शांत करने के अचूक उपाय बता रहे हैं एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ जी, इंडिया न्यूज के खास प्रोग्राम गुरु मंत्र में.

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