बॉलीवुड डेस्क, मुबंई. भगवान को सभी लोग मानते हैं और उनकी हर रोज पूजा-पाठ भी करते हैं, लेकिन कभी-कभी पूजा पाठ करने के बावजूद भी हमारी मनोकामनाएं पूर्ण नहीं होती हैं. जब हम पूजा पाठ करते हैं और हमारी मनोकामनाएं पूरी नहीं होती हैं तो हमारे दिमाग में भी उथल-पुतल हो जाता है, लेकिन क्या कि इनका हमारी कुंडली से कोई संबंध होता है. पूजा पाठ दुखों को काटने का बहुत अच्छा उपाय है. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कि बहुत ही पूजा पाठ करते हैं और उसके बावजूद उसके दुखों का कोई अंत नहीं होता है. लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो पूजा पाठ करने के बाद दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की करता है.

इसका कारण यह है कि जिस तरह से इस दुनिया के अंदर एक ही राशी के अंदर लोग लगाए तो सभी अलग-अलग काम करते हैं. सबके नेचर भी अलग-अलग होते हैं और सबका स्वभाव भी अलग-अलग होते हैं. इसी तरह एक ही भगवान की पूजा भी सभी को सूट नहीं करती है. हमारे शास्त्रों में बहुत से अलग-अलग देवी-देवता बनाए गए हैं, इनके पीछे भी बहुत बड़ा कारण है. बचपन हमें बचपन से ही सिर्फ पूजा-पाठ करने के लिए बताया गया है लेकिन यह नहीं बताया गया कि किस देवी देवता की पूजी करनी चाहिए.

घर में इस तरह की फोटो लगाना होगा शुभ, भूल कर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें

गुरु मंत्र: कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर जानिए भगवान श्री कृष्ण को क्यों कहा जाता है रसिया और छलिया