नई दिल्ली. अक्सर लोग अपने बुढ़ापे को लेकर चितिंत रहते हैं. इसीलिए आपने सुना भी होगा कि कुछ लोग अपने बुढ़ापे की तैयारी कर के रखते हैं. लेकिन बुढ़ापा आपके जन्म कुंडली से भी प्रभावित होता है. दरअसल जन्मकुंडली के अंदर चौथा और दूसरा घर बुढ़ापे का घर होता है. अगर इन दोनों घरों में बुरे यानि पापी ग्रह मिल जाते हैं तो इंसान का बुढ़ापा खराब होता है. अगर ऐसी स्थिति जन्म कुंडली में बनती है तो बुढ़ापे में कई तकलीफे सहन करनी पड़ती है.

मंगल और बृहस्पति का मेल जन्म कुंडली के दूसरे घर में राहु साथ में हो तो ऐसी स्थिति में बुढ़ापे में परेशानी झेलनी पड़ती है. इसी तरह कुंडली के चौथे घर में अगर चंद्रमा या सूर्य बैठे हुए हैं और इनसे पापी ग्रह मिल जाए तो बुढ़ापे में पैसों से संबंधी परेशानी बढ़ जाती है. साथ ही केतु खराब अवस्था में आ जाए तो व्यक्ति बुढ़ापे में पति पत्नी अकेले रह जाते हैं बच्चों के लिए तरसते हैं. इसी तरह ये जन्मकुंडली हमारे बुढ़ापे और भविष्य को तय करते हैं.

आज गुरु मंत्र शो में बुढ़ापे से संबंधी कई विषयों के बारे में चर्चा की जाएगी. जैसे बुढ़ापे में क्या दिक्कत उठानी पड़ेगी, किसकी कुंडली में हैं दुख के योग, किसे बुढ़ापे में परिवार रिश्तेदारों का साथ नहीं मिलता, पिछले कर्मों का बुढ़ापे की तकलीफों से क्या संबंध है, बुढ़ापे में होने वाली परेशानियों को दूर करने का उपाय आदि. इन किसी भी विषय से जुड़ा आपका कोई सवाल है तो बताएंगे एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ इंडिया न्यूज के खास प्रोग्राम गुरु मंत्र में.

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