नई दिल्ली. इंडिया न्यूज के खास प्रोग्राम गुरु मंत्र में आज निसंतान दंपति के विषय पर बात की जाएगी. अक्सर दंपतियों की शादीशुदा जिंदगी इस परेशानी के वजह से खासा दुखी रहने लगती है. आइए जाने कैसे संतान संबंधी परेशानियों को दूर किया जा सकता है और किन कारणों की वजह से दंपति को इन दुखों से गुजरना पड़ता है.

कुंडली में देखकर बताया जा सकता है कि जातकों को कितनी संतानों का योग लिखा है. जैसे केतु जन्म कुंडली में तीसरे स्थान में हो तो इंसान को 3 संतान के योग लिखे होते हैं. इसी प्रकार जब मंगल और केतू का मेल हो तो भी तीन बालकों का योग होता है. बृहस्पति, केतु और सूर्य का मेल हो तो इंसान को संतान संबंधी कोई परेशानी नहीं होती है.

दूसरी संतान के लिए करें ये उपाय
इंसान को जब संतान संबंधी परेशान हो तो पिता को कान छिदवा कर सोना पहने. दूसरा उपाय जिस महिला को संतान का सुख प्राप्त नहीं हो रहा वह महिला बड़ के जल चढ़ाए और गीले मिट्टी का तिलक लगाएं. तीसरा उपाय, महिला हर बृहस्तपतिवार को लौटा पर चंदन का तिलक लगाकर भोलेनाथ को जल चढ़ाएं और पूजा पाठ करें.

जीवनभर संतान सुख नहीं मिला तो…
जब भी केतु का पित्र दोष का योग बनता है तो इंसान को संतान सुख प्राप्त नहीं होता है. बृहस्पति और शुक्र जब साथ में आ जाए तो महिला को बांझ कहा जाता है. केतु और मंगल कुंडली में मिल जाए तो कितने ही उपाय कर लें लेकिन संतान सुख नहीं मिल पाता. इसके लिए व्यक्ति को केतु पित्र दोष ठीक करना होता है. इसके लिए एक अचूक उपाय है जिसे करने से इस परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए दंपति पूरे परिवार से पैसे लें और पैसों से कुत्तों के लिए भोजन का प्रबंध करें.

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