नई दिल्ली. इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु मंत्र में आज कौन से ग्रहों की चाल मुकदमों में फंसाती है पर चर्चा की गई. बिगड़ेत रिश्ते कब हमे कोर्ट तक ले जाते हैं, शादीशुदा जिंदगी कब मुकदमों में फंस जाती है इसका हमे पता ही नही चलता. ग्रहों के कौन से योग हमे अपने भाई बहनों से लड़वाते हैं इसके बारे में भी हमे कभी पता नहीं लगता. शादी के बाद अक्सर जीवन बदल जाता है लेकिन कुछ को मुकदमों और कोर्ट कचहरी के चक्कर के काटने पड़ता है.

ऐसे लोगों की कुंडली में पहला योग बनता है जिन बच्चों की जन्म कुंडली के तीसरे घर में खराब मंगल बैठा हो और किसी तरह से दृष्टि मिलान के अंदर चंद्रमा भी आ रहा हो तो इन लोगों की शादी के बाद इनके जीवनसाथी के साथ हालात अच्छे नहीं रहते जिस वजह से घर की बहू सभी मलसों में पीस जाती है. अगर जन्मकुंडली के चौथे ग्रह में अगर पापी ग्रह बैठे है और उनकी दृष्टि कर्म ग्रहों के ऊपर पड़ रही हो तो शादी होते ही 5-10 दिनो ंके भीतर ही जीवनसाथी एक दूसरे से अलग होकर कोर्ट केस करने की सोच लेते है.

तीसरे योग में जन्मकुंडली का 5वां और 12वां घर का खराब होना. इन ग्रहों के खराब होने की वजह आपके जीवनसाथी की पुरानी यादे होती है जो आपकी शादी शुदा जिंदगी पर असर डालती है. इससे बचने के लिए मिट्टी के लोटे में देसी खांड भरकर उसे लाल कपड़े से ढ़ककर उसे विरान जमीन में गाड़ दे. हर मंगलवार को आठ गुड़ की रोटी को तंदूर में डालकर उसे कुत्ते या कौए को खिलाए. इससे मंगल ग्रहों को दोष निपट जाएगा. 

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