गुरु मंत्र: कुंडली में चंद्रमा जितना शांत ग्रह माना जाता है उतना ही शक्तिशाली भी माना जाता है. चंद्रमा यदि कुंडली में मजबूत हो तो जीवन में आने वाले संकट खत्म हो जाते हैं. चंद्रमा को रूप का भी प्रतीक माना जाता है. चंद्रमा के यदि कुंडली में सही स्थान व सही दिशा में हो तो आपकी तरक्की को कोई रोक नहीं सकता.

चंद्रमा के बुरी व अच्छी स्थिति ही हमारे सुख व दुख को निर्धारित करती है. वाहन, जमीन-जाययाद, मां की ममता से जोड़ने वाला ग्रह के नाम से चंद्रमा को जाना जाता है. चंद्रमा हमारी कुंडली में अकेले व अच्छी स्थिति हो तो हमें शुभ परिणाम देता है. चंद्रमा यदि लगन में हो तो इससे छात्रों को सकारात्मक प्रभाव देता है. तीसरे घर का चंद्रमा ससुराल में होने वाले कष्ट देते है.

पांचवे घर का चंद्रमा सबसे खतरनाक माना जाता है. पांचवे घर का चंद्रमा नौकरी वाले को तो नहीं लेकिन कारोबारियों को बर्बाद कर देता है. ऐसे लोगों को हमेशा पैसों की परेशानी रहती है. चंद्रमा का आंठवे व 10वें घर में होना भी घातक साबित होता है.

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