नई दिल्ली. इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु मंत्र में बच्चों के विषय पर बात की जाएगी. हर घर की शांति व सुख बच्चों से जुड़ा होता है. बच्चों का करियर, बच्चों की संगति, बच्चों की पढ़ाई लिखाई, बच्चों की आदतें, बच्चों की शरारते और बच्चों की सेहत सभी चीजें माता पिता को काफी प्रभावित व चितिंत करते हैं. इसीलिए गुरु मंत्र शो में गुरु विशिष्ठ जी बता रहे हैं कि कैसे बच्चों के ग्रहों व चाल को सही रख कर हम उनके करियर व जिंदगी को संवार सकते हैं.

जिन कुंडली में पापी ग्रहों की प्रधानता होती है उन बच्चों के साथ ऐसी समस्याएं आती हैं. जब भी कुंडली में कोई शादी करवाने या शुक्र ग्रह बीच में आ जाए तो ऐसी स्थिति में बच्चा अवश्य बीमार होता है. इसी तरह जब बच्चे की कुंडली में कोई पापी ग्रह वो कर्म स्थान का प्रधान हो जाए तो यह छोटी उम्र में मुड़ने लगता है. इसी वजह से बच्चा बुरी संगत में पड़ने लगता है.

जो बच्चे 14, 15, 17 साल की उम्र के होते हैं वह जल्दी बुरी संगत की ओर आकर्षक होती है. पापी ग्रह अच्छे पढ़े लिखे लोगों की बुद्धि भ्रष्ट कर देता है. पापी ग्रहों का सही समय उपाय करना आवश्यक होता है. क्योंकि पापी ग्रह का समय से पहले ही बच्चें की कुंडली में कर्म स्थान पर प्रधानता हासिल करता है तो वह बुरी संगत की ओर जल्दी आकर्षक होते हैं. इस स्थिति में केतू और शुक्र ग्रह के पर जरूर ध्यान दें.

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