नई दिल्ली. प्यार का दूसरा नाम परिवार होता है. अगर आपके पास एक भरा पूरा परिवार है, तो आपको किसी दूसरे के प्यार और सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसा आ जाती हैं कि परिवार के इस प्यार में दरार पड़ने लगती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पारिवारिक रिश्तों के कमजोर होने की एक वजह कुंडली के ग्रहों की चाल भी होती है. आज गुरु मंत्र सो में इसी विषय पर बात की जाएगी.

हर ग्रह किसी न किसी ग्रह के साथ मिलकल अच्छा या बुरा करते हैं, लेकिन जब भी यह यह ग्रह आपस में कुछ खास जगह पर इकठ्ठे होते हैं तो उस वक्त पर उन ग्रहों से रिलेटिड जो रिश्तेदार होते हैं. वो जिस घर में जाकर बैठते हैं और उन घर से संबंधित जो रिश्तेदार होते हैं उनसे संबंधित अच्छा या बुरा फल हमारी जन्मकुंडली पर पड़ता है. जैसे कि आजकर शनि बुध की गति चल रही है, सूर्य शुक्र की गति चल रहा है और मंगल बृहस्पति की गति चल रही है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि भाई-बहन, माता-पिता से क्यों नहीं बनती, परिवार के छोटे झगड़े कब बड़े हो जाते हैं, परिवार की लड़ाई का बच्चों पर असर और पारिवारिक रिश्तों में कलह के लक्षण और उपाय बता रहे हैं एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ जी, इंडिया न्यूज के खास शो गुरु मंत्र में…

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