नई दिल्ली. इंडिया न्यूज के शो गुरू मंत्र में पूजा पाठ का जीवन में महत्व और कुंडली के अनुसार कैसे करें पूजा के बारे में बताया जाएगा. शो में पूजा के सफल विधि के बारें मे बताया जाएगा. कुंडली से जानिए आपको किसकी पूजा करनी है? किस कुंडली में पूजा पाठ से मिलते हैं अशुभ फल? पूजा पाठ से कैसे मिलेगी सुख- समृद्धि? आज एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ जी गुरु मंत्र शो में इन सभी विषयों पर चर्चा करेंगे.

जीवन में पूजा पाठ का महत्व
पूजा पाठ आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाता है. बच्चों को संस्कार देने के लिए समाज में रहने के लिए किया जाता हैं. भजन करने से दया भावना आती है. तपस्या और पूजा पाठ में बहुत ही अंतर होता है. बिना तपस्या के कुछ पाना मुश्किल है. तपस्या से करने से फल प्राप्त होता हैं. मंजलि को पाने के लिए तपस्या करना बहुत ही जरूरी है. अगर आपके काम नहीं बन रहा है तो अपनी कुंडली के अनुसार पूजा पाठ और तपस्या करना चाहिए. शरीर खराब है और आप पहलवान बनाना चाहते है तो आपको हनुमान जी का व्रत रखना होगा. विधि विधान के साथ पूजा पाठ करें. किताबों पर लिखे नियम के अनुसार व्रत किया जाना चाहिए.

कुंडली के अनुसार के व्रत रखना चाहिए
अपने मन के अनुसार व्रत नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे फल की प्राप्ति नहीं होती है. इसलिए पड़ित से पुछ कर ही करना चाहिए. और पूरे विधान के साथ पूजा पाठ करना चाहिए. जिनकी कुंडली में शानि, केतू ग्रह प्रधान हो उस समय पूजा पाठ करते हैं तो ऐसे में पूजा पाठ करना अच्छा नहीं होता हैं. ऐसे में काम काज नहीं बन पाता हैं. कुंडली के अनुसार ही व्रत रखना चाहिए. अफसर बनना चाहते है या नौकरी पानी है तो विष्णु भगवान की पूजा करें. समृद्धि और सुख शांति के लिए भोलेनाथ की पूजा करें. घर में मंगल कार्य हो इसके हनुमान जी की पूजा करें. व्यापार बढ़ाने के लिए माता रानी पूजा करनी चाहिए खासकर कन्याओं की पूजा करनी चाहिए. मकानों का सूख चाहिए उसे भैरव जी को पूजना चाहिए. काम को बढ़ाने के लिए गणपति जी को पूजें. आपके सभी सवालों का जवाब देंगे एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ इंडिया न्यूज के खास प्रोग्राम गुरु मंत्र में.

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