नई दिल्ली. मेहनत को हर कोई करता है और पैसा भी सभी लोग कमाते हैं, लेकिन हर इंसान अमीर नहीं हो पाता है. हर व्यक्ति की आंखों में बस एक ही सपना होता है कि अमीर बनना है, लेकिन पूरी जिंदगी गरीबी में ही निकल जाती है. अब इस हालात को कैसे बदला जाए. आज हम इसी विषय पर बात करेंगें. गरीबी वाकई में एक बहुत ही बड़ा अभिशाप है. अगर मां-बाप गरीब होते हैं तो बच्चे भी गरीब होते हैं और आने वाली पीढि़यां भी गरीबी में ही जीती रहती हैं.

जब पितृ दोष कुछ ज्यादा बड़े हो जाते हैं और एक ही इंसान की कुंडली में या एक ही खानदार की कुंडली में पितृ दोष मिलने लगे तो समझ लिजिए गरीबी की वातावरण घर पर आएगा. हमारी ही बुजूर्ग जो पिछले समय के अंदर कुछ ऐसे कर्म कर गए जो श्राप के रूप में हमारे ग्रहों में ऐसे बदलाव आते हैं, जिनसे वो वाली सोच और समझ हमारे में नहीं बचती जिसके कारण दुनादारी में बहुत अच्छा सर्वाइव किया जा सकता है.

इंसान के सोचने विचारने की क्षमता पर भी ग्रह काफी प्रभाव छोड़ते हैं. अगर दूसरे, चौथे, पांचवें और नौंवें घरों में आपस में दुश्मन ग्रह बैठे हों तो इंसान सही तरीके से प्लानिंग ही नहीं कर पाता है. इंसान को गरीब और अमीर बनाने वाले योग के बारे में और बुरे दोषों को दूर करने के बारे में बताएंगे एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु मंत्र में.

गुरु मंत्र: इन उपायों से जाने आस्था और अंधविश्वास के बीच का अंतर

गुरु मंत्र: हाई ब्लड प्रेशर का जन्म कुंडली से क्या है संबंध, कुंडली को देखकर जानें बीपी के लक्षण