नई दिल्ली. जीवन जीना इतना आसान नहीं होता, जीवन की इस राह पर चलते-चलते खुशियां तो आती ही हैं, लेकिन दुख, तकलीफ और कठिनाई भी जरूर आते हैं. कभी कबार तो ऐसा लगने लगता है कि कठिनाई, समस्या, दुख ये सब जीवन की ही पर्यायवाची है. इससे इंसान इतना परेशान हो जाता है कि उसे समझ नहीं आता है कि इन दुखों के भवसागर से कैसे पार निकले. ऐसे वक्त में इंसान इतना घबरा जाता है, इतना परेशान हो जाता है कि वो भगवान से पूछने लगता है कि ये सारे दुखे और सारी तकलीफें उसी के जीवन में क्यों आ रहे हैं.

 क्या भगवान को उस पर तरस नहीं आ रहा है. वो सोचने लगता है कि मैं इससे कैसे पार पाऊं. मेरा परिवार मेरे साथ है, मेरे बच्चे मेरे साथ हैं मेरी पत्नी मेरे साथ है फिर भी मुझे कुछ समझ क्यों नहीं आ रहा है. लेकिन शायद इंसान इस बात को नहीं समझ पाता कि दुख के बाद ही सुख के दिन आते हैं. इंसान को इस वक्त सोच कर आगे चलना है कि बस अब दुख और नहीं होंगे. अब जिंदगी में सिर्फ खुशियां ही खुशियां होंगी. क्योंकि जो कठिनाई का समय होता है वो इंसान को परिपक्व बनाता है. जीवन से दुखों को दूर करने और सुख समृद्धि लाने के अचूक उपाय बता रहे हैं इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु मंत्र में एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ जी …

 

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