नई दिल्ली. इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु मंत्र में आज मांगलिक दोष के बारे में बात हुई. गुरु विशिष्ठ ने बताया कि कैसे मांगलिक दोष को पहचाना जाना चाहिए. साथ ही बताया कि मांगलिक दोष के प्रभाव (manglik dosh effects) की वजह से कई प्रकार की हानि होती है. अक्सर लोगों को लगता है कि यदि कुंडली में मांगलिक दोष है तो उन्हें जीवनसाथी के साथ ही किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ेगा.

कुंडली में मांगलिक दोष होने सिर्फ पार्टनर के साथ ही परेशानियां नहीं आती बल्कि हर प्रकार के रिश्तों में दरार आ जाती है. मांगलिक दोष के वजह से भाई, साले व ससुर आदि की भी नहीं बनती है. रिश्तों में दरार लाने के लिए इस ग्रह का काम होता है. मांगलिक दोष का अर्थ होता है कि मंगल ग्रह का गलत घर में बैठ जाना व खराब चाल. इस वजह से कुंडली में मांगलिक दोष होता है.

यदि कुंडली में जब भी मंगल 12,1,4, या 8वें घर में हो तो इसे मांगलिक दोष माना जाता है. इन घरों में बैठना या पापी ग्रह से जुड़ जाना. इन दोनों स्थितियों में मांगलिक दोष होता है. इस दोष से शादी में देरी, मागंलिक दोष वाली इंसान की शादी उस दोष वाले से होती है. कुछ मांगलिक आंशिक रूप से होते हैं और कुछ लोग पूर्ण रूप से मांगलिक होते है. इसीलिए मांगलिक दोष को देखकर और उससे जुड़े उपाय कर के शादी करते हैं.

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