नई दिल्ली. शनि बृहस्पति के बाद सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है. शनि को दुख का कारण भी माना जाता है. लेकिन शनि उतना भी अशुभ और मारक नहीं है जितना उसे माना जाता है. इंडिया न्यूज के गुरु मंत्र शो में आज गुरुदेव जी डी वशिष्ठ से जानिए आपके कुंडली में शनि के प्रकोप से बचने के आसान उपाय. राशियों के मुताबिक आपके दिन का हाल के बारे में तो बात करेंगे ही साथ ही शनि का आप पर अच्छा और बुरे प्रभावों के बारे में भी जानेंगे. पहाड़ो पर जमी बर्फ को भी शनि बोलते है, इसी के साथ हवा से जो हमे ठंडक मिलती है उसे भी शनि कहते है. पेड़ के नीचे मिल रही छांव से जो हमे आनंद आता है उसे भी शनि कहते हैं क्योंकि वह सूर्य ग्रह पर विराजमान रहता है.

इसे अच्छा शनि कहते हैं. बात अगर बुरे शनि के करें तो, कि अगर आपको तहखाने में बंद कर दे, जहां से सांस लेना मुश्किल हो वो शनि का बुरा स्थान होता है. धरती की गहराई में जाकर अगर वहां पाए जाने वाले कीडे़ मकौड़े आपको नुकसान पहुंचाते है, अगर आप उनके रहने के स्थान पर जाएंगे तो वह इंसान के लिए घातक हो सकता हैं उसको शनि का बहुत बुरा स्थान कहा जाता है. आज शनि विशेष में जानिए आपकी कुंडली में शनि का खराब लक्षणों को कैसे पहचाने? इसके अलावा शनि का हमारी कुंडली से क्या संबध होता है, शनि और सूर्य का आपस में क्या संबध है जानेंगे. इसके अलावा शनि का मंगल से मेल हो जाए और आपकी कुंडली में राहु ग्रह खराब हो तो आपकी कुंडली और जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा इस बारे में ज्योतिषी आपको बताएंगे.

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