नई दिल्ली. कुंडली में हर कुछ लिखा होता है. आज शो में दिल की बीमारी की बात की जा रही है. कुंडली में सभी बीमारियों के बारे कुंडली के ग्रह दोषों को दूर करने के काम नहीं आते हैं, बल्कि इन्हें पहनने से कई तरह के रोगों से भी लड़न की शक्ति मिलती है. दरअसल, आयुर्वेद में रत्नों की भस्म द्वारा रोग निवारण के अनेक प्रयोग बताए गए हैं. इसका वैज्ञानिक कारण रत्न में उपस्थित विशेष रासायनिक तत्व हैं.

इन रत्नों को पहना जाता है तो शरीर पर इनका स्पर्श होता है और लगातार इनमें मौजूद रासायनिक तत्वों के संपर्क में रहता है. दिल की बीमारी या हृदय के रोग गत सौ वर्ष पूर्व घातक रोगों की सूची में छठे क्रम पर था, लेकिन अब यह एक नंबर पर आ गया है.

इसकी वजह यह है कि आजकल की मशीनी रफ्तार वाली जिंदगी में बढ़ रहे मानसिक तनाव, दूषित वातावरण तथा चका चौंध भरे कृत्रिम जीवन में गलत रहन-सहन, बेमेल खान-पान और बुरे व्यसनों के कारण दिल की बीमारीयों ने बहुत भयानक रूप धारण कर लिया है.

Guru Mantra: अपने बच्चों को बुरी संगति से बचाने वाले अचूक उपाय जानिए

Guru Mantra: कुंडली के किस दोष के कारण बच्चों को आता है गुस्सा

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App