नई दिल्ली. इंडिया न्यूज के कार्यक्रम गुरुमंत्र में बताया गया कि आम तौर पर हम छोटी छोटी चीजें भूल जाते हैं जैसे रूमाल मोबाइल फोन, डायरी इत्यादि लेकिन अगर आपकी ये भूलने की आदत हद से ज्यादा बढ़ गई है तो संभल जाएं. क्योंकि हो सकता है कि आप किसी बड़ी बीमारी का शिकार हो रहे हैं. बृहस्पति ग्रह सोच, समझ और यादाश्त के लिए होता है जबकि राहु दिमाग की चलाकी के लिए होता है.

आपकी कुंडली में अगर बृहस्पति ग्रह अगर 11वें स्थान हो हो तो राहु खत्म होता है और अगर राहु 6ठे स्थान पर हो तो बृहस्पति खत्म होता है. ऐसे मे ग्रहों की इन स्थितियों के समय अगर कोई पैदा होता है और पापी ग्रहों की दृष्टी भी पड़ जाती है तो ये भूलने की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में इंसान सामान रखकर भूल जाता है, कोई जिम्मेदारी दी जाए तो उसे भूल जाता है.

इसके अलावा अगर किसी की कुंडली में शनि खराब हो जाए तो वह शख्स अपने ही विचारों में इतना व्यस्त हो जाता है कि रोजमर्रा की चीजें भूलने लगता है और उसे जब तक ये बात याद आती है काफी देर हो चुकी होती है. शनि इस कदर फालतु की चीजों में व्यस्त रखता है कि काम की चीज तक पहुंचने ही नहीं देता.

इसके अलावा बुध और बृहस्पति का योग भी यादाश्त के लिए काफी बुरा होता है. ऐसे में इंसान खुद को हद से ज्यादा ज्ञानी समझ लेता है और मन ही मन कई तरह की योजनाओं में इतना व्यस्त हो जाता है कि रोजमर्रा की चीजों को भूलने लग जाता है.

राहु को ठीक करने के लिए, बल देने के लिए हरे रंग का चश्मा लगाकर निकलना चाहिए जिसका कांच हरे रंग का हो. इससे धूप की किरणें आंखों से दिमाग में जाती हैं और याद्दाश्त अच्छी होती हैं. इसके अलावा रांगे की दो गोलियां बनवाकर जेब में हर रोज रखें. ये राहु की ताकत को बढ़ाएगा और अच्छे विचार आएंगे.

बृहस्पति की नकारात्मकता दूर करने के लिए गले में सोने की चेन पहनें. हर रोज नाभि, जुबान और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं. साथ ही बृहस्पति को बल देने के लिए चांदी की डिब्बी में केसर लेकर जेब में रखें. केसर का प्रयोग ज्यादे से ज्यादा मात्रा में करें. इसके साथ ही पीपल के नीच एक घंटा बैठकर आएं. याद्दाश्त की परेशानी दूर होगी.  

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