नई दिल्ली. ज्योतिषी शास्त्र में राहु को छाया ग्रह कहा गया ह. राहु पूर्ण जन्म बंधन को दर्शाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु सबसे शीर्ष होता है. शरीर इंद्रियों के अभाव के चलते इसमें सही गलत का भाव नहीं होता है. इसीलिये ये धर्म के विपरीत कार्य करता है. इसीलिये आज गुरुमंत्र शो में राहु कुंडली के अलग अलग स्थानों पर रहने पर कैसे फल प्राप्त किया जाता है. दरअसल राहु एक ऐसा ग्रह है जो काफी महत्वपूर्ण होता है. ये सभी ग्रहों में सबसे ताकतवर होता है. इसे हम ये भी कह सकते हैं कि ये ब्रह्ममाण की सबसे शक्तिशाली चीज है.

राहू को धर्म विहिन ग्रह कहा जाता है. राहु ने अगर जन्मकुंडली और हमारी किस्मत की सहायता तक दे तो समझ लें कि आपकी तरक्की को कोई नहीं रोक नहीं सकता. इसी तरह राहु अगर जन्मकुंडली में बिगड़ जाए तो जिंदगी को बर्बाद कर देता है. राहु की वजह से घर में कलेश, एक्सीडेंट और बच्चों संबधी परेशानी झेलने पड़ती है. इंसान के द्वारा उत्पन्न खराब हालात को जन्म राहु ही देता है. इसी के साथ बताते चले कि राहू की चाल भी खास महत्व रखती है. जन्मकुंडली के अंदर एक नियम होता है कि शुक्र आगे हो और बुध पीछे होता है जो राहू सकारात्मक प्रभाव देता है वहीं अगर इसके विपरीत स्थिति हो तो राहू जिंदगी को बिगाड़ देता है. इसी तरह गुरु मंत्र शो में कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की जाएगी. साथ ही आपको डराने वाला राहु आपको कैसे देगा शुभ फल और राहु को शांत करने वाले अचूक उपाय जानेंगे के बारे में बताया जाएगा. अगर आप राहु से जुड़े किसी भी प्रश्न संबधित प्रश्न पूछना चाहते हैं तो आपको जवाब दे रहे हैं इंडिया न्यूज के खास प्रोग्राम गुरु मंत्र में गुरु विशिष्ठ.

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