नई दिल्ली. हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व होता है. धर्माशास्त्रों के अनुसार दान कई तरह के होते हैं. आपको बता दें दान हमेशा जन्मकुडंली के अनुसार दान किया जाता है. पहले भी राजाओं के शासन में बह्ममणों से पूछ कर राजा विशेष दान देते थे और तभी से दान-पुण्य का चलन चल रहा है. ज्योतिष में लिखित है कि जन्मकुंडली में खराब ग्रहों के अनुसार दान दिया जाता है. इसीलिए कुंडली और ग्रहों को जानकर हर व्यक्ति को दान देना चाहिए.
 
दान का महत्व सभी को पता होना चाहिए और उसके अनुसार ही दान और उस भगवान की पूजा करनी होती है. जैसे अगर जन्मकुंडली के दूसरे ग्रह में राहु विद्यमान है तो इंसान खूब फलता फूलता है, लेकिन इस तरह का शख्स अगर भगवान और या अन्य पैसा दान में देता है तो कार्य बिल्कुल भी शुभ नहीं होता, बल्कि ऐसे जिसकी कुंडली में राहु दूसरे घर में हो उसे मंदिर के चढ़ावा या अरदास की राशि को घर में लाने से घर में और कारोबार में दिन दुगुनी रात चुगुनी तरक्की होती है. 
 
दान के महत्व को देखते हुए गुरुमंत्र में दान से जुड़े कई विषयों पर गुरुजी जानकारी देंगे. जैसे दान कितने प्रकार के होते है और उसके क्या फल मिलते है, ग्रहों की शांति के लिए क्या दान करें या क्या दान न करें, क्या दान करने का मुहूर्त भी होता है.  अगर आपके भी जहन में दान से जुड़े कोई सवाल हैं तो आपके सभी सवालों का जवाब देंगे एस्ट्रो साइंटिस्ट जीडी वशिष्ठ इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु मंत्र में.