नई दिल्ली: पुराण, हिंदुओं के धर्मसंबंधी ग्रंथ हैं जिनमें सृष्टि, लय, प्राचीन ऋषियों- मुनियों और राजाओं के वृत्तांत आदि हैं. ये वैदिक काल के काफी बाद के ग्रन्थ हैं. पुराण का अर्थ प्राचीन आख्यान है. सभी पुराणों के छंद और श्लोंको की संख्या अलग है. वेद व्यास ने पुराणों के 18 खंडों में बांटा था.
 
 
हालांकि पुराणों के साथ छेड़छाड़ भी हुई है. विष्णु, शिव, गरुण, लिंग आदि प्रमुख पुराण हैं. पुराण प्राचीन समाज का आईना है. विष्णु पुराण सबसे प्राचीन पुराण है. विष्णु पुराण में सुर्य, चंद्र इत्यादि राजवंशों का उल्लेख है. विष्णु पुराण में 23 हजार छंद. शिव पुराण में 23 हजार छंद. वराह पुराण में 24 हजार छंद. भविष्य पुराण में 14 हजार श्लोक. वामन पुराण में 10 हजार छंद होते हैं.
 
 
पुराणों से अपने जीवन को कैसे बदलें, किस्मत बदलने वाली पुराणों की कथाएं, धर्म, परम्परा और पूजा से जुड़ी जानकारी, पुराणों से अपने जीवन को कैसे बदलें, कलयुग की परेशानियों से कैसे बचें आदि सवालों के जवाब दे रहे हैं आध्यात्मिक गुरू पवन सिन्हा इंडिया न्यूज के खास कार्यक्रम गुरु पर्व में.

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