नई दिल्ली.  आज से गणेश चतुर्थी का उत्सव प्रारम्भ हो रहा है. अनंत चतुर्दशी तक 10 दिनों तक मनाया जाता है. शुरू हुआ गणेश चतुर्थी का उत्सव और आप किस प्रकार की विघ्नहर्ता की पूजा कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं.

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आज के इस खास शो में हम आपको बताएंगे कि गणपति जी की पूजा का समय क्या है. गणपति स्थापना में क्या ध्यान रखें. कौन सी 21 वस्तुएं गणेश जी को भेंट करनी हैं. आज चन्द्र दर्शन कब तक नहीं करना है. क्या है गणेश जी के सिर का सच और विज्ञान. कौन से पुष्प गणपति को विशेष प्रिय हैं. कलयुग में गणेश जी के किस स्वरुप की पूजा का विधान है.

गणपति स्थापना में क्या ध्यान रखें.

विसर्जन के लिए स्थापित गणपती सदैव मिट्टी के ही बने होने चाहिए. बस ध्यान ये रखना है कि ये प्रतिमाएं खोखली नहीं होनी चाहिए.

पूजन सामग्री

कदलीफल का पत्ता, शमी पत्र, अर्जुन, भंगरेया, बिल्वपत्र, दूर्वादल, गांधारी पत्र बेर, धतूरा, तुलसी, सेम, अपामार्ग, भटकटैया,सिन्दूर का पत्ता, तेजपात, अगस्त्य, कनेर,  आक,  देवदारू, मरुआ, केतकी का पत्ता.

पूजा विधि

दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन, आचमन, पवित्रकरण (मार्जन), आसन पूजा, स्वस्तिवाचन, संकल्प, श्री गणेश ध्यान, आवाहन व प्रतिष्ठापन, स्नान 10, वस्त्र एवं उपवस्त्र, गंध व सिन्दूर, पुष्प एवं पुष्पमाला, दूर्वा, धूप, दीप, नैवेद्य, दक्षिणा एवं श्रीफल, आरती, पुष्पांजलि, प्रदक्षिणा, प्रार्थना एवं क्षमा प्रार्थना, प्रणाम एवं पूजा समर्पण.