नई दिल्ली. राजस्थान के जैसलमेर स्थित तनोट माता का मंदिर आज हिन्दुस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान में भी जाना जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस मंदिर पर पाकिस्तान ने कई बार बम से हमला किया लेकिन तनोट माता मंदिर का बाल भी बांका नहीं हो सका.
 
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मंदिर के संग्रहालय में आज भी पाकिस्ताने द्वारा फेंके गए जिन्दा बम और हथगोले रखे हैं. माना जाता है कि तनोट माता ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना की मदद की थी. युद्द के दौरान पाकिस्तानी सेना ने मंदिर पर भारी बमबारी की थी लेकिन वे सभी बम मंदिर की एक ईंट भी नहीं खिसका सके.
 
मंदिर पर फेंके गए 450 बम तो फटे ही नहीं. इस मंदिर के पुजारी भी सैनिक ही है और यह मंदिर भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के फौजियों के लिए भी आस्था का केन्द्र रहा है.