NSG Commando: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. बताया जा रहा है कि राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है. राम मंदिर परिसर में NSG( नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) के कमांडो पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जानकारी सामने आ रही है कि 24 सितंबर से 29 सितंबर तक राम मंदिर में सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के साथ बैठकों और सुरक्षा समीक्षा का दौर चल रहा है.
इस दौरान NSG कमांडो मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं एनएसजी कमांडो कौन होते हैं?
कौन होते हैं एनएसजी कमांडो?
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि क्या नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के लिए सीधी भर्ती होती है. तो इसका जवाब है नहीं. इसमें उन्हीं जवानों को शामिल किया जाता है जो पहले से सेना, CRPF, BSF, ITBP जैसे बलों में काम कर रहे होते हैं. एनएसजी कमांडो को ‘ब्लैक कैट’ भी कहा जाता है. इन्हें बेहद खास और हाई प्रोफाइल ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाता है. किसी विशेष और आपातकालीन परिस्थिति में एनएसजी कमांडो को कमान सौंपी जाती है.
यह भी पढ़ें – GRAP Kya Hai: सांसों पर संकट बढ़ते ही सख्त होते हैं नियम! क्या है GRAP? कैसे करता है प्रदूषण पर वार?
कितना मिलता है वेतन?
एनएसजी कमांडो के काम की गंभीरता को देखते हुए इन्हें अच्छी सैलरी और कई फायदे मिलते हैं. इन्हे आतंकवादियों से लड़ने के लिए ट्रेन किया जाता है. काम के हिसाब से इन्हें अतिरिक्त भत्ते भी मिलते हैं. लेकिन अगर मूल वेतन की बात करें तो सेना, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के जवानों को जितना मूल वेतन मिलता है. उतना ही एनएसजी कमांडो को भी मिलता है.
योग्यता क्या है?
NSG कमांडो बनने के लिए पहले भारतीय सेना या किसी CAPF में भर्ती होना जरूरी है. भर्ती बल के अनुसार, 10वीं या 12वीं पास योग्यता मांगी जाती है. अगर कोई अधिकारी पद पर NSG में जाना चाहता है तो उसे ग्रेजुएशन और UPSC की NDA या CDS परीक्षा पास करनी होती है. NSG कमांडो बनना सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा का एक अच्छा मौका है.