MLA Salary in India: तमिलनाडु से लेकर पश्चिम बंगाल तक में हुए विधानसभा चुनाव ने हर किसी को हैरान कर दिया है. बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही पश्चिम बंगाल असम में जश्न का माहौल है. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि सत्ता में आने के बाद किस राज्य के विधायक की कितनी सैलरी होती है. क्या आप जानते हैं कि एक विधायक (MLA) महीने में कितना कमाता है? बता दें कि बंगाल से लेकर असम और तमिलनाडु तक, हर राज्य के अपने-अपने रूल है. खास बात ये है कि ये विधायक अपनी तनख्वाह खुद ही तय करते हैं. ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि इस तनख्वाह की दौड़ में कौन सा राज्य सबसे आगे है और विधायकों को उनकी नियमित तनख्वाह के अलावा और कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं.
किस राज्य में विधायकों को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि असम एक ऐसा राज्य है जहां विधायकों की सबसे ज्यादा तनख्वाह होती है. जी हाँ! 2018 में, असम सरकार ने अपने विधायकों की तनख्वाह में काफ़ी बढ़ोतरी की थी. फ़िलहाल, असम में एक विधायक को हर महीने कुल ₹1.60 लाख मिलते हैं, जिसमें तनख्वाह और भत्ते, दोनों शामिल हैं. इससे पहले, यह आँकड़ा ₹1.07 लाख था. इस पूर्वोत्तर राज्य में, विधायकों की कमाई उन दूसरे राज्यों के मुक़ाबले काफ़ी बेहतर है, जहाँ हाल ही में चुनाव हुए हैं. चलिए जान लेते हैं तनख्वाह के मामले में उन राज्यों का क्या हाल है जहां हाल ही में चुनाव हुए हैं?
पश्चिम बंगाल में विधायकों की तनख्वाह
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2023 में विधायकों की तनख्वाह को लेकर एक बड़ा फ़ैसला लिया गया था. मुख्यमंत्री रह चुकी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने विधायकों की मासिक तनख्वाह में सीधे ₹40,000 की बढ़ोतरी कर दी थी. इस बढ़ोतरी के बाद, बंगाल में एक विधायक की कुल मासिक तनख्वाह अब ₹1.21 लाख हो गई है. बंगाल में चुनाव नतीजों के माहौल के बीच, विधायकों की यह कमाई राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक अहम जानकारी मानी जा रही है.
तमिलनाडु में विधायकों की सैलरी
जानकारी के मुताबिक दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में भी विधायकों को काफ़ी अच्छी तनख्वाह मिलती है. जी हाँ, तामूलनाडु के एक विधायक को तनख्वाह और भत्तों के रूप में हर महीने कुल ₹1,50,000 तक की रक़म दी जाती है. असम के मुकाबले ये थोड़ा ही कम है लेकिन बेहतर है. इस पैकेज में से, ₹1,05,000 की रक़म मूल वेतन (Basic Salary) के तौर पर तय की गई है. इसके अलावा, विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में काम करने में आसानी हो, इसके लिए उन्हें अलग से निर्वाचन क्षेत्र भत्ता (Constituency Allowance) दिया जाता है. सिर्फ यही नहीं, इसके अलावा फोन ख़र्च और गाड़ी के रखरखाव के लिए भी भत्ते दिए जाते हैं.
केरल और पुडुचेरी में विधायकों की सैलरी
क्या आप ये बात जानते हैं कि केरल देश के उन राज्यों में से एक है जहाँ विधायकों का वेतन अपेक्षाकृत कम रखा गया है. यहां, एक विधायक को वेतन और भत्तों के रूप में हर महीने सिर्फ और सिर्फ ₹70,000 मिलते हैं. इसके विपरीत, जब केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की बात करते हैं, तो यहां के विधायकों की वित्तीय स्थिति केरल के विधायकों की तुलना में काफी बेहतर है. पुडुचेरी में, विधायकों को हर महीने ₹105,000 मिलते हैं.
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