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बिना कपड़ों के किन-किन देशों में प्रोटेस्ट कर चुकी महिलाएं! आखिर क्यों औरतों को सड़कों पर होना पड़ा निर्वस्त्र?

Naked Women Protest: आपने ईरान की कई ऐसी वीडियो देखी होंगी जिनमें लड़कियां निर्वस्त्र होकर सड़कों पर उतरीं और प्रोटेस्ट किया. सिर्फ ईरान में ही नहीं, बल्कि  दुनिया भर में महिलाओं ने न्यूड होकर प्रोटेस्ट किए है. इस लिस्ट में कई बड़े देश शामिल हैं.

By: Heena Khan | Published: October 1, 2026 12:46:54 PM IST



Naked Women Protest: आपने ईरान की कई ऐसी वीडियो देखी होंगी जिनमें लड़कियां निर्वस्त्र होकर सड़कों पर उतरीं और प्रोटेस्ट किया. सिर्फ ईरान में ही नहीं, बल्कि  दुनिया भर में महिलाओं ने न्यूड होकर प्रोटेस्ट किए है. इस लिस्ट में कई बड़े देश शामिल हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे प्रदर्शनों में, महिलाएं अपने न्यूड या सेमी-न्यूड शरीर को अपनी बात कहने या अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक ताकतवर हथियार की तरह इस्तेमाल करती हैं. साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन प्रोटेस्ट का मुख्य मकसद आमतौर पर सामाजिक अन्याय, राजनीतिक दबाव, हिंसा या महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना होता है. ऐसे में हम जानेंगे कि किन-किन देशों में ऐसे प्रोटेस्ट हुए और महिलाओं को ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा. 

यूक्रेन और फ्रांस में हुआ था जबरदस्त आंदोलन 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा ही एक आंदोलन यूक्रेन ऑर्डर फ्रांस में देखने को मिला. जानकारी के मुताबिक, FEMEN एक फेमिनिस्ट ग्रुप है जो दुनिया भर में महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करता है. यह अलग-अलग तरीकों से सरकारों और मीडिया के सामने अपने हक की बात रखता है और न्याय मांगता है. यूक्रेन में शुरू हुआ यह फेमिनिस्ट संगठन टॉपलेस या सेमी-न्यूड प्रदर्शनों के ज़रिए महिलाओं के शोषण, भ्रष्टाचार और धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ विरोध करता है.

अर्जेंटीना में भी आई निर्वस्त्र होने की नौबत 

साथ ही बता दें कि यह मूवमेंट जून 2017 में अर्जेंटीना में शुरू हुआ था, इस बड़े आंदोलन में सौ महिलाओं ने प्रेसिडेंशियल पैलेस के सामने कपड़े उतारकर  महिलाओं के खिलाफ हिंसा का विरोध किया था. इतना ही नहीं, यह प्रदर्शन दुनिया भर में मशहूर हुआ. साथ ही ये भी जान लें कि  ‘नी ऊना मेनोस’ का मतलब है ‘एक भी कम नहीं.’

‘फ्री द निप्पल’ कैंपेन

साथ ही बता दें कि यह मूवमेंट 2012 में यूनाइटेड स्टेट्स में डॉक्यूमेंट्री-ड्रामा ‘फ्री द निप्पल’ की शूटिंग के साथ शुरू हुआ था. इस डॉक्यूमेंट्री-ड्रामा की प्रोड्यूसर लीना एस्को थीं. मुश्किलों का सामना करने के बाद यह फिल्म 2013 में रिलीज़ हुई थी. इस फ़िल्म के बाद, ‘Free the Nipple’ कैंपेन शुरू हुआ, जो सोशल मीडिया के ज़रिए दुनिया भर में फैल गया. इस मूवमेंट में, महिलाओं ने टॉपलेस होकर सरकार और मीडिया के सामने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए.

स्पेन में भी टॉपलेस हुईं थीं महिलाएं

केवल यही नहीं, स्पेन में कई एनिमल राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन बुल्स पर होने वाले टॉर्चर के ख़िलाफ़ टॉपलेस या न्यूड प्रोटेस्ट करते हैं. PETA दुनिया भर में एनिमल राइट्स और प्रोटेक्शन की वकालत करते हुए सबसे आगे है. ये प्रोटेस्ट अक्सर पैम्प्लोना में मशहूर “रनिंग ऑफ़ द बुल्स” फेस्टिवल के दौरान होते हैं. इन प्रोटेस्ट का मुख्य मकसद बुल्स पर होने वाले टॉर्चर के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना है.

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