Human Body Fact: क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी भौंहों के बीच की छोटी सी जगह का कोई खास नाम है? जी हाँ, है. चेहरे के इस मामूली से दिखने वाले हिस्से का एक खास एनाटॉमिकल (शारीरिक बनावट से जुड़ा) नाम है और यह चेहरे के हाव-भाव, शारीरिक बनावट और रोज़ाना की ग्रूमिंग में भी भूमिका निभाता है. भौंहों के बीच और नाक की हड्डी (ब्रिज) के ठीक ऊपर वाली जगह को ‘ग्लाबेला’ (glabella) कहा जाता है. यह भौंहों के बीच और माथे के नीचे त्वचा का एक काफी चिकना हिस्सा होता है.
भोहों के बीच बनती है लाइन
इस हिस्से की त्वचा के नीचे ऐसी मांसपेशियां होती हैं जो चेहरे की हलचल में शामिल होती हैं. ये मांसपेशियां गुस्सा करने (भौंहें सिकोड़ने) और ध्यान लगाने जैसे हाव-भाव बनाने में मदद करती हैं. क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि गुस्सा होने या ध्यान लगाने पर आपकी भौंहों के बीच सीधी रेखाएं बन जाती हैं? इन्हें अक्सर ‘फ्राउन लाइन्स’ (frown lines) या ’11 लाइन्स’ कहा जाता है क्योंकि ये देखने में ऐसी ही लगती हैं. चेहरे की मांसपेशियों की बार-बार होने वाली हलचल से समय के साथ ये रेखाएं और भी साफ़ दिखने लगती हैं.
आखिर क्या है इस हिस्से का नाम
भौंहों के बीच का हिस्सा चेहरे के हाव-भाव का एक अहम हिस्सा है. ग्लाबेला के आस-पास की हलचल से गुस्सा, चिंता, ध्यान और हैरानी जैसे हाव-भाव बनते हैं. ‘ग्लाबेला’ शब्द लैटिन भाषा से आया है और यह ‘ग्लाबर’ (glaber) से जुड़ा है, जिसका मतलब है चिकना. ग्लाबेला सिर्फ़ रोज़मर्रा की बातचीत में इस्तेमाल होने वाला एक शब्द नहीं है. यह मेडिकल साइंस, एनाटॉमी (शरीर रचना विज्ञान) और एंथ्रोपोलॉजी (मानव विज्ञान) जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाला एक अहम एनाटॉमिकल रेफरेंस पॉइंट है.