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Otzi the iceman: 5,300 साल पुरानी ममी अभी भी जिंदा! ओत्जी पर नई खोज ने मचाई सनसनी

Otzi the iceman: ओत्ज़ी नाम के 'आइसमैन' की 5,300 साल पहले इटैलियन आल्प्स में एक तीर से हत्या कर दी गई थी, लेकिन एक हैरान करने वाली वैज्ञानिक खोज से पता चला है कि उसका शरीर अभी भी सूक्ष्म जीवों से भरा हुआ है.

By: Heena Khan | Published: June 4, 2026 11:57:36 AM IST



Otzi the iceman: ओत्ज़ी नाम के ‘आइसमैन’ की 5,300 साल पहले इटैलियन आल्प्स में एक तीर से हत्या कर दी गई थी, लेकिन एक हैरान करने वाली वैज्ञानिक खोज से पता चला है कि उसका शरीर अभी भी सूक्ष्म जीवों से भरा हुआ है. एक ऐसी बड़ी खोज में जिसने मानव शरीर को सुरक्षित रखने की सीमाओं को ही चुनौती दे दी है, शोधकर्ताओं ने पाया है कि प्रागैतिहासिक काल के पेट के बैक्टीरिया और ठंड में ढल जाने वाली यीस्ट की किस्में यूरोप की सबसे मशहूर ममी के अंदर अभी भी सक्रिय हैं.

 कैसे बढ़ रहा जिस्म 

माइनस छह डिग्री सेल्सियस तापमान वाले एक डीप-फ्रीज़ चैंबर को इसलिए बनाया गया था ताकि समय को पूरी तरह से रोक दिया जाए. लेकिन, ‘माइक्रोबायोम’ नाम की पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि ओत्ज़ी के शरीर के अंदर मौजूद प्राचीन सूक्ष्म जीव हमारी नज़रों के ठीक सामने ही सक्रिय रूप से खुद को बदल रहे हैं और विकसित हो रहे हैं.

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प्राचीन पेट के रहस्य

ममी की त्वचा, अंदरूनी ऊतकों और पिघले हुए पानी का विश्लेषण करके, इटली के ‘यूरैक रिसर्च इंस्टीट्यूट’ के मुख्य शोधकर्ता मोहम्मद सरहान ने एक छिपे हुए प्रागैतिहासिक पारिस्थितिकी तंत्र का पता लगाया. इस खोज से हमारे अपने अतीत के साथ एक अविश्वसनीय जुड़ाव सामने आया है.

हत्या के शिकार का आखिरी भोजन: पेट में मौजूद सक्रिय बैक्टीरिया, ओत्ज़ी के आखिरी भोजन जिसमें ज़्यादा फैट वाला जंगली मांस, पुराने अनाज और ज़हरीली फर्न शामिल थे , जो इससे पूरी तरह मेल खाते हैं.

लुप्त होता माइक्रोबायोम: टीम ने बैक्टीरिया की कुछ दुर्लभ प्रजातियों की पहचान की, जिनमें Romboutsia hominis और Clostridium moniliforme शामिल हैं. ये प्रजातियाँ आज के शहरी इंसानों से पूरी तरह लुप्त हो चुकी हैं, लेकिन अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के अलग-थलग रहने वाले आदिवासी समाजों में अब भी मौजूद हैं.

रसायन खाने वाली यीस्ट: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ खास तरह की यीस्ट की आबादी पिछले नौ सालों में असल में बढ़ गई है. इन ‘सुपर-माइक्रोब्स’ ने म्यूज़ियम के क्यूरेटरों द्वारा शरीर को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ‘फिनोल डिसइन्फेक्टेंट्स’ को खाकर ज़िंदा रहना सीख लिया है.

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