दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य 1 करोड़ परिवारों को गरीबी रेखा से बाहर लाने का है.
 
साल 2019 तक कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिए पी.एम.आवास योजना के तहत धनराशि को 15000 से 23000 करोड़ किया गया. मार्च 2018 तक सभी गांवों में बिजली. वित्त मंत्री ने बताया कि गांवों में 133 किलोमीटर सड़कें रोज बन रही हैं.
 
मनरेगा के लिए पिछले साल 38000 करोड़ दिए थे, इस बार बजट में 48000 करोड़ रुपए का प्रावधान है. इस साल मनरेगा के लिए 48 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया जा रहा है.
 
मनरेगा योजना के तहत इस साल तय लक्ष्य से अधिक खर्च किया गया. मनरेगा के लिए 10 हजार करोड़ बढ़ाया गया. मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 55 फीसदी हुई. प्रधानमंत्री सड़क योजना के मुताबिक रेकॉर्ड तेजी से सड़कें बनाई जा रही हैं.

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