नई दिल्ली. आप उम्र भर की कमाई लगा कर घर खरीदते हैं और फिर बिल्डर के झूठे वादों का शिकार हो जाते है. अगर किस्मत वाले हैं तो जैसे-तैसे लड़-झगड़ कर आप फ्लैट का पजेशन भी ले लेते हैं. घर का सपना पूरा होने के लिए कहानी यहां खत्म नहीं होती बल्कि यहां से शुरु होती है या कहें कि पजेशन के बाद मुश्किलों की शुरुआत होती है.
 
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यूपी अपार्टमेंट एक्ट के नियम के तहत बिल्डर द्रारा फ्लैट खरीदने पर आवंटी को डीओडी देना अनिवार्य है. डीओडी में प्रोजेक्ट संबधी सभी जानकारी होती है. इसमें जमीन खरीदने से लेकर सोसायटी बनाने तक के बारे में बिल्डर पूरी जानकारी देता है.
 
आवंटी के पास डीओडी होगा तो बिल्डर कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता है. जो सुविधाएं बिल्डर देने का वादा करता है उसे देना ही होता है. ऐसा न करने पर बिल्डर के खिलाफ डीओडी के आधार पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

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