नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के सांसद और नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में महिला और बाल विकास राज्यमंत्री रहे डॉ. वीरेंद्र कुमार को 17वीं लोकसभा के लिए चुन गए नए संसद सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है. मध्य प्रदेश के दलित नेता वीरेंद्र कुमार सातवीं बार लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने हैं और 1996 से लगातार जीत रहे हैं. 1996, 1998, 1999 और 2004 के लोकसभा चुनाव में सागर लोकसभा सीट से जीते वीरेंद्र कुमार अब टीकमगढ़ सीट से लड़ते हैं और इस बार फिर टीकमगढ़ सीट से जीतकर संसद पहुंचे हैं. लोकसभा स्पीकर पद के लिए चुनाव सदस्यों के शपथ लेने के बाद होगा जिस पद के लिए नरेंद्र मोदी कैबिनेट में इस बार शामिल नहीं की गईं मेनका गांधी का नाम आगे चल रहा है.

सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से शुरू हो रहा है जो 26 जुलाई तक चलेगा. संसद सत्र के पहले दो दिन प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार लोकसभा के नए सांसदों को सदस्यता की शपथ दिलाएंगे. सरकार इस सत्र के दौरान बजट पेश करेगी और कई अध्यादेश को बिल के जरिए कानून का रूप देने की कोशिश करेगी.

मध्य प्रदेश में बीजेपी के बड़े दलित नेता रहे हैं डॉ वीरेंद्र कुमार, लगातार लोकसभा चुनाव जीत रहे हैं

मूल रूप से सागर के रहने वाले वीरेंद्र कुमार अर्थशास्त्र से एमए हैं और बाल मजदूरी पर पीएचडी कर चुके हैं. इमरजेंसी के दौरान राजनीति में आए वीरेंद्र कुमार लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम करते रहे. भाजपा में सक्रिय होने के बाद वो पार्टी के अनुसूचित जाति जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बनाए गए. पहली बार 1996 में सागर लोकसभा सीट से संसद पहुंचे वीरेंद्र कुमार पिछले कुछ चुनाव से टीकमगढ़ लोकसभा सीट से लड़ और जीत रहे हैं. वीरेंद्र कुमार की लोकसभा में बतौर सांसद ये सातवीं पारी है. 

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