लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 में अब कुछ ही महीनें बाकी है. देश के सभी सत्ता दलों ने आम चुनावों के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है. साल 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने भारी जीत दर्ज करते हुए सरकार बनाई थी और नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला. लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटें भी काफी निर्णायक मानी जाती है. खुद पीएम मोदी भी सूबे की वाराणसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते हुए आम आदमी पार्टी कैंडिडेट और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी की कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय और अखिलेश यादव की सपा उम्मीदवार कैलाश चौरसिया को करारी शिकस्त दी थी.

गौरतलब है कि साल 2014 लोकसभा चुनाव में वाराणसी से कुल 42 उम्मीदवार खड़े हुए थे. 2014 में लोकसभा सीट के कुल मतदाता 17 लाख 86 हजार 487 थे. जिनमें भाजपा प्रत्याशी पीएम नरेंद्र मोदी को इस चुनाव में 5 लाख 80 हजार 423 वोट मिली थी. वहीं मोदी को टक्कर देने वाले आप पार्टी उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल को 2 लाख 9 हजार 111 वोट मिली और वे दूसरे नंबर पर रहे. जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को 75 हजार 541 और समाजवादी पार्टी के कैलाश चौरसिया को सिर्फ 45 हजार 266 वोट मिली थी.

वहीं मायावती के बसपा प्रत्याशी विजय प्रकाश जयसवाल को 60 हजार 534 वोट से संतुष्ट होना पड़ा था. वहीं अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो बनारस लोकसभा सीट से बीजेपी को 56.37 प्रतिशत वोट मिले. आम आदमी पार्टी को 20.30 प्रतिशत वोट पड़े. वहीं कांग्रेस को 7.34, समाजवादी पार्टी को 2.56 और बहुजन समाज पार्टी को 5.88 फीसदी वोट मिले. इस चुनाव में पीएम मोदी का प्रभाव इतना ज्यादा था कि वे अकेले ही 50 फीसदी से अधिक वोट शेयर लेने में कामयाब रहे.

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