नई दिल्ली. तमिलनाडु की 39 मे से 38 लोकसभा सीटों पर वोटो की गिनती  से शुरू हो Iगई है. तमिलनाडु की वेल्लोर सीट पर मतदान कैंसिल कर दिया गया था क्योंकि डीएमके उम्मीदवार के यहां 11 करोड़ रुपये का कैश बरामद हुआ था. शाम होते होते ये पता चल जाएगा कि तमिलनाडु में कौन जीत रहा है और कौन विजेता बनकर संसद जा रहा है. तमिलनाडु में 39 मतगणना केंद्रों पर काउंटिंग के आगे और पीछे के रूझान आते ही ये साफ हो जाएगा कि डीएमके, कांग्रेस, एआईएडीमके बीजेपी में कौन पार्टी ज्यादा सीट जीत रही है. हालांकि एग्जिट पोल में एनडीए को 9 सीटे मिलने के आसार है जिनमें बीजेपी को दो सीटें मिल सकती हैं. वहीं राज्य में यूपीए को एग्जिट पोल में 29 सीटे मिल सकती हैं.

तमिलनाडु में इस बार चुनावी नतीजे काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है. तमिलनाडु का इतिहास रहा है कि यहां पर किसी पार्टी को एक ही बार बहुमत मिलता है. पिछले बार एआईएडीमके को बहुमत मिला लेकिन इस बार डीएमके को बहुमत मिलने की उम्मीद है. अगर लोकसभा चुनाव 2019 में डीएमके को बहुमत मिलती है तो ये कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगा. क्योंकि डीएमके कांग्रेस को सर्मथन दे सकता है. लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की थुथुकुडी लोकसभा सीट से कनिमोझी चुनावी मैदान में हैं उनके खिलाफ बीजेपी की उम्मीदवार तमिलसाई सुंदरराजन हैं. वहीं शिवगंगा लोकसभा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम के बेटे कार्ती चिंदबरम अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कार्ति 2014  लोक सभा चुनाव में इस पर हारे थे. इस बार उनके खिलाफ बीजेपी के एच राजा हैं. चेन्नई सेंट्रल से डीएमके दयानिधि मारन चुनावी मैदान में  लड़ रहे हैं उनके खिलाफ पीएमके के सैम पॉल एसआर हैं. 

2014 के लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके ने तमिलनाडु में एकतरफा जीत हासिल की थी. राज्य की 39 लोक सभा सीटों में से एआईएडीएमके ने 37 सीटों पर कब्जा किया. वहीं राज्य में मुख्य विपक्षी दल डीएमके का खाता भी नहीं खुला था. तमिलनाडु में बीजेपी ने 2014 लोकसभा चुनाव में 1 सीट जीती थी. जबकि एक सीट पीएमके के खाते में गई थी. साल 2014 के आम चुनाव में अगर देखा जाए तो एआईएडीएमके का वोट शेयर 44.30 फीसदी रहा वहीं वहीं डीएमके को 23.60 प्रतिशत वोट मिले. लेकिन साल 2019 के लोकसभा चुनाव में ऐसी उम्मीद की जा रही है कि डीएमके पलटवार करेगी.