नई दिल्ली. Lok Sabha General Election Results 2019: लोकसभा चुनाव की मतगणना गुरुवार 23 मई 2019 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और फिर रिजल्ट आएंगे. गुरुवार को साफ हो जाएगा कि सत्रहवें आम चुनाव में देश में किसकी सरकार बनेगी. क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार बचाने में कामयाब रहेंगे या फिर राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए गठबंधन बीजेपी नीत एनडीए को मात देगा. साथ ही इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी, समाजवादी पार्टी और बीजू जनता दल जैसी क्षेत्रीय पार्टियों पर भी नजर रहेंगी. एनडीए या यूपीए को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में ये पार्टियां सरकार का गठन करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. हालांकि गुरुवार को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद साफ हो जाएगा कि कौनसी सीट से किस पार्टी का प्रत्याशी जीता और किस पार्टी को हार मिली. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 7 चरणों में मतदान हुआ. देश के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 542 लोकसभा सीटों पर 11 अप्रैल से 19 मई के बीच वोटिंग हुई. साथ ही चुनाव आयोग ने तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट पर मतदान स्थगित कर दिया. चुनाव कैंपेन के दौरान मायावती, योगी आदित्यनाथ, आजम खान और साध्वी प्रज्ञा जैसे नेता अपने विवादित बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे. चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए इन नेताओं के चुनाव प्रचार पर कुछ घंटों का बैन भी लगाया. साथ ही पश्चिम बंगाल में हुई चुनावी हिंसा का मुद्दा भी चर्चा में रहा. इस मुद्दे पर बीजेपी और ममता बनर्जी की टीएमसी के बीच काफी तकरार हुई. चुनाव से पहले आए ओपिनियन पोल में बीजेपी नीत एनडीए गठबंधन को काग्रेस नीत यूपीए गठबंधन से ज्यादा सीटें मिलती दिखाई गई थीं. हालांकि अधिकतर ओपिनियन में बीजेपी और एनडीए को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया गया था. लेकिन 19 मई को आखिरी चरण की वोटिंग के बाद जारी हुए एग्जिट पोल के नतीजों में लगभग सभी पोल एजेंसियों ने एनडीए को बहुमत मिलता दिखाया. हालांकि फिर भी देशभर की निगाहें कुछ देशभर की कुछ वीआईपी लोकसभा सीटों के रिजल्ट पर रहेंगी. इनमें वाराणसी से नरेंद्र मोदी, अमेठी और वायनाड से राहुल गांधी, भोपाल से दिग्विजय सिंह और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद, बेगूसराय से कन्हैया कुमार, गिरिराज सिंह और तनवीर हसन, उत्तर पूर्वी दिल्ली से शीला दीक्षित और मनोज तिवारी, आजमगढ़ से अखिलेश यादव और निरहुआ के साथ ही रामपुर से आजम खान और जयाप्रदा शामिल हैं.

  1. लोकसभा चुनाव 2019 का पूरा कार्यक्रम
  2. लोकसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों का गठबंधन और दूसरी पार्टियों की जानकारी
  3. लोकसभा चुनाव 2019 में ये हैं वीआईपी प्रत्याशी
  4. लोकसभा चुनावों में सेना के नाम पर बवाल
  5. चुनावी रैलियों में मंच पर फिसली नेताओं की जवान और दिए विवादित बयान
  6. लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में हिंसा
  7. लोकसभा चुनाव 2019 के ओपिनियन पोल के नतीजे
  8. लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल के नतीजे

लोकसभा चुनाव 2019 का पूरा कार्यक्रम

देश में लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे 23 मई को सुबह 8 बजे से आने शुरू हो जाएगें. देश की 542 सीटों पर हुए चुनाव में सात चरणों में वोटिंग हुई थी. देश में 11 अप्रैल से वोटिंग शुरू हुई थी और 19 मई को लास्ट वोटिंग हुई थी. लोकसभा चुनाव के साथ ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी हुए थे. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 सीट, दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को 13 राज्यों की 97 सीट, तीसरा चरण का मतदान 23 अप्रैल को 14 राज्यों की 115 सीट, चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीट, पांचवें चरण का मतदान 6 मई को 7 राज्यों की 51 सीट, छठे चरण का मतदान 12 मई को 7 राज्यों की 59 सीटों पर हुआ.

लोकसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों का गठबंधन और दूसरी पार्टियों की जानकारी

इस बार देश में सोनिया गांधी के नेतृत्व में यूपीए और अमित शाह के नेतृत्व एनडीए के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. एनडीए में बीजेपी, लोजपा, जेडीयू, शिवसेना, अपना दल, शिरोमणी अकाली दल सहित कई स्टेट पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा है. वहीं यूपीए में कांग्रेस, राजद, डीएमके, हम, आरएलएसपी, जेएमएम सहित कई छोटी पार्टियां थीं. इसके साथ ही महागठबंधन में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, अजित सिंह की राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) थी. इसके साथ ही लेफ्ट में पार्टियों में सीपीआई, सीपीएम और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक थीं और दूसरी पार्टियों में तृणमूल कांग्रेस, टीआरएस, बीजेडी, आप, टीडीपी, जेजेपी, वाईएसआरसीपी, एएमएमके और एसडीएफ सहित कई पार्टियां थी.

लोकसभा चुनाव 2019 में ये हैं वीआईपी प्रत्याशी

इस बार के चुनाव में वीआईपी प्रत्याशियों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में वारणसी लोकसभा सीट से नरेंद्र मोदी, गोरखपुर से रवि किशन, अमेठी और वायनाड से राहुल गांधी, रायबरेली से सोनिया गांधी, गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह, मुजफ्फरनगर से अजीत सिंह, मथुरा से हेमा मालिनी, फतेहपुर सीकरी से राज बब्बर, आजमगढ़ से अखिलेश यादव और दिनेश लाल उर्फ निरहुआ, मैनपुरी से मुलायम सिंह, गाजीपुर से मनोज सिन्हा, कन्नौज से डिंपल यादव, चंदौली से महेंद्र नाथ पांडेय, लखनऊ से राजनाथ सिंह और पूनम सिन्हा, रामपुर से जयाप्रदा और आजम खान, फिरोजाबाद से शिवपाल यादव, उन्नाव से स्वामी साक्षी महाराज, पीलीभीत से वरुण गांधी, सुल्तानपुर से वरुण गांधी, बहराइच से सावित्रीबाई फुले, इलाहाबाद से रीता बहुगणा जोशी हैं.

बिहार में वीआईपी प्रत्याशियों के नाम बताएं तो गया से जीतन राम मांझी, जुमई से चिराग पासवान, मधेपुरा से शरद यादव, बेगूसराय से गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार, उजियारपुर और काराकट से उपेंद्र कुशवाह, पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर हैं. अब हिमाचल प्रदेश के बारे में बताएं तो हमीरपुर लोकसभा सीट से़ अनुराग सिंह ठाकुर, उत्तराखंड में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से हरीश रावत, अरुणाचल पश्चिम से किरण रिजिजू, महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट से नितिन गडकरी, नांदेड़ से अशोकराव शंकरराव चव्हाण, बारामती से सुप्रिया सुले, मुंबई उत्तर से उर्मिला मातोंडकर, मुंबई उत्तर-पश्चिम से संजय निरूपम, मुंबई उत्तर-मध्य से प्रिया दत्त. कर्नाटक की बैंगलोर सेंट्रल लोकसभा सीट से प्रकाश राज, गुलबर्गा से मल्लिकार्जुन खड़गे, टुमकुर से एच डी देव गौड़ा हैं. तमिलनाडु में शिवगंगा लोकसभा सीट से कार्ति चिदंबरम और तूतूकुडी से करुणानिधि कनिमोझि है.

राजस्थान के वीआईपी प्रत्याशी के नाम की बात करें तो जोधपुर लोकसभा सीट से गजेंद्र शेखावत और वैभव गहलोत का नाम है. झालावाड़-बारां से राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का बेटा दुष्यंत सिंह औक जयपुर (ग्रामीण) से राज्यवर्धन राठौर व कृष्णा पूनिया हैं. नागौर से हनुमान बेनीवाल और बीकानेर से अर्जुन राम मेघवाल हैं. मध्य प्रदेश में लोकसभा सीटो में गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, भोपाल से प्रज्ञा ठाकुर और दिग्विजय सिंह हैं.

झारखंड की लोकसभा सीटों पर नजर डालें तो दुमका से सुनील सोरेन, धनबाद से कीर्ति आजाद हैं. अब पश्चिम बंगाल पर नजर डालें तो बालुरघाट से अर्पिता घोष, आसनसोल लोकसभा सीट से बाबुल सुप्रियो, मेदिनीपुर से दिलीप घोष, दमदम से सामिक भट्टाचार्य और सौगत राय, जाधवपुर से अनुपम हाजरा हैं. ओडिशा की पुरी सीट से संबित पात्रा, चंडीगड़ से किरन खेर, पंजाब में गुरादसपुर से सनी देओल, भटिंडा से हरसिमरत कौर, पटियाला से परणनीत कौर हैं. हरियाणा की सीटों पर नजर डालें तो रोहतक से भूपेंद्र हुड्डा और सोनीपत से दीपेंद्र हुड्डा का नाम है. जम्मू कश्मीर से उधमपुर से जीतेंद्र सिंह, श्रीनगर से फाहरुख अब्दुल्ला और अनंतनाग से महबूबा मुफ्ती का नाम है.

दिल्ली में वीआईपी प्रत्याशियों पर नजर डालें तो चांदनी चौक लोकसभा सीट से हर्ष वर्धन, उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी और शीला दीक्षित, पूर्वी दिल्ली से गौतम गंभीर और आतिशी हैं. नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी और अजय माकन व दक्षिण दिल्ली से विजेंद्र सिंह हैं.

लोकसभा चुनावों में सेना के नाम पर बवाल

देश की जनता के सामने इस बार राजनीतिक पार्टियों द्वारा सेना के नाम को लेकर मंच पर कई बार मुद्दे उठे हैं. जहां किसी दल ने अपनी सेना की तारीफ की तो किसी को उस पर विश्वास नहीं था. चुनावी माहौल में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जवानों की शहादत के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा की गई बालाकोट में एयर स्ट्राइक ने भी राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई थी. जहां यूपीए के नेताओं ने दावा किया था कि उनकी सरकार में भी कई स्ट्राइक हुईं हैं लेकिन इस तरह से उन्होंने कभी सेना  के नाम पर वोट नहीं मांगे हैं. हालांकि आरटीआई में इस बात का खुलासा हुआ कि नरेंद्र मोदी सरकार में ही भारतीय सेना ने पहली स्ट्राइक 2016 में की इससे पहले कभी नहीं की है. 

चुनावी रैलियों में मंच पर फिसली नेताओं की जवान और दिए विवादित बयान

लोकसभा चुनावी प्रचार के दौरान कई नेता जनसभाओं में भाषा की मर्यादा को भूल गए और जनता के सामने ही बिना सोचे समझे बोले. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा में कहा था कि अली तुम्हारे बजरंगवली हमारे अगर विपक्ष को अली पसंद है तो हमें बजरंग बली पसंद है. यूपी की रामपुर लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी आजम खान ने बीजेपी उम्मीदवार जयाप्रदा के लिए भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और वहीं हिमाचल प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया था. इसके साथ ही भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने भी शहीद हेमंत करकरे को लेकर कई बयान दिए और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देश भक्त बताया. इन नेताओं के बयानों को लेकर चुनाव आयोग ने इन पर बैन भी लगाया था.

लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में हिंसा

इस बार के चुनाव में पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच काफी झड़प हुई. शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई इसके साथ मीडिया कर्मियों के साथ भी मारपीट हुई. इसके बाद चुनावी माहौल मे एक नया मोड़ जब आया कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली में हमला हुआ. वहीं फिर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने का मामला भी सामने आया और इस मूर्ति को तोड़ने का आरोप बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगा.

लोकसभा चुनाव 2019 के ओपिनियन पोल के नतीजे

देश में लोकसभा चुनावों की वोटिंग से पहले हुए ओपिनियन पोल के नतीजों की बात करें तो कई पोल एजेंसियों ने एनडीए को बहुमत से जीतने का आंकलन लगाया था जो कि इस प्रकार है. पोलिंग एजेंसी टाइम्स नाउ ने एनडीए 279 यूपीए को 149 और अन्य को 115 सीट आने का अनुमान लगाया है. वहीं इंडिया टीवी -सीएनएक्स ने एनडीए को 275 यूपीए को 126 और अन्य को 142 सीट. जन की बात ने एनडीए को 310 यूपीए को 122 और अन्य को 111 सीट. इंडिया टुडे ने एनडीए को 257, यूपीए को 146 अन्य को 140 सीट. एबीपी न्यूज-सी वोटर्स ने एनडीए को 247, यूपीए को 146 और अन्य को 140 सीटें. रिपब्लिक सी वोटर्स ने एनडीए को 264, यूपीए को 141 और अन्य को 138 सीट आने का अनुमान लगाया है.

लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल के नतीजे

11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में हुए लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम 23 मई को जनता के सामने आएगा. वहीं इस चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों में फिर से बीजेपी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनती दिख रही है. वहीं एक पोल एजेंसी ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत का आंकलन नहीं दिखाया है. जो एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए हैं वो इस प्रकार हैं. इंडिया टुडे एक्सिस ने एनडीए को 352 प्लस, यूपीए को 93 प्लस और अन्य को 82 प्लस सीट. टाइम्स नाउ ने एनडीए को 306 प्लस, यूपीए को 132 प्लस और अन्य को 104 प्लस सीट. रिपब्लिक जन की बात ने एनडीए को 305, यूपीए को 124 और अन्य को 113 सीट. इंडिया न्यूज पोल स्ट्रेट ने एनडीए को 287, यूपीए को 128 और अन्य को 127 सीट और वहीं न्यूज एक्स नेता ने एनडीए को 242, यूपीए को 164 अन्य को 137 सीटें आने का अनुमान लगाया है.

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