पटना. लोकसभा चुनाव में अब तक छह चरणों में चुनाव हो चुका है और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) प्रमुख नीतीश कुमार के नाम फेसबुक पर एक खुला खत लिखा है. इस खत में लालू ने नीतीश कुमार की पार्टी के चिन्ह तीर और अपनी पार्टी के चिन्ह लालटेन के बारे में बताया है. इसके साथ ही लालू ने भारतीय जनता पार्टी के चिन्ह कमल के फूल पर भी निशाना साधा है, रविवार 12 मई को बिहार में छठे चरण के चुनाव हुए थे और प्रदेश की 8 सीटों पर वोटिंग हुई थी.

यहां पढ़ें लालू का खत

सुनो छोटे भाई नीतीश,

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तुम्हें आजकल उजालों से कुछ ज्यादा ही नफरत सी हो गयी है. दिनभर लालू और उसकी लौ लालटेन-लालटेन का जाप करते रहते हो. तुम्हें पता है कि नहीं, लालटेन प्रकाश और रोशनी का पर्याय है. मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक है. गरीबों के जीवन से तिमिर हटाने का उपकरण है. हमने लालटेन के प्रकाश से गैरबराबरी, नफरत, अत्याचार और अन्याय का अँधेरा दूर भगाया है और भगाते रहेंगे. तुम्हारा चिह्न तीर तो हिंसा फैलाने वाला हथियार है. मार-काट व हिंसा का पर्याय और प्रतीक है.

और हाँ जनता को लालटेन की जरूरत हर परिस्थिति में होती है. प्रकाश तो दिए का भी होता है. लालटेन का भी होता है और बल्ब का भी होता है. बल्ब की रोशनी से तुम बेरोजगारी, उत्पीड़न, घृणा, अत्याचार, अन्याय और असमानता का अँधेरा नहीं हटा सकते इसके लिए मोहब्बत के साथ खुले दिल और दिमाग से दिया जलाना होता है. समानता, शांति, प्रेम और न्याय दिलाने के लिए खुद को दिया और बाती बनना पड़ता है. समझौतों को दरकिनार कर जातिवादी, मनुवादी और नफरती आँधियों से उलझते व जूझते हुए खुद को निरंतर जलाए रहना पड़ता है. तुम क्या जानो इन सब वैचारिक और सैद्धांतिक उसूलों को. डरकर शॉर्टकट ढूँढना और अवसर देख समझौते करना तुम्हारी बहुत पुरानी आदत रही है.

और हाँ तुम कहाँ मिसाइल के ज़माने में तीर-तीर किए जा रहे हो? तीर का जमाना अब लद गया . तीर अब संग्रहालय में ही दिखेगा. लालटेन तो हर जगह जलता दिखेगा और पहले से अधिक जलता हुआ मिलेगा क्योंकि 11 करोड़ गरीब जनता की पीठ में तुमने विश्वासघाती तीर ही ऐसे घोंपे है . बाकी तुम अब कीचड़ वाले फूल में तीर घोंपो या छुपाओ. तुम्हारी मर्जी.

इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी बिहार की जनता के लिए फेसबुक पर खत लिखा था. जिसमें उन्होंने बिहार की जनता के लिए बेरोजगारी और नीतीश सरकार से जुड़े कई सवाल किए थे. इसके साथ ही जनता से कहा था कि वह प्रदेश में राजद को वोट दें अपना वोट बीजेपी और जेडीयू को देकर बेकार न करें.

मेरे प्रिय बिहारवासियों,

आज जब देश में छठे चरण का चुनाव हो रहा है. मैं हर एक बिहारवासी को दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ. यह पहला चुनाव है जब मेरे पिता को साज़िशन चुनाव प्रचार से दूर किया गया है. साम्प्रदायिक ताकतों से उनकी लड़ाई अभी भी जारी है … हाँ वो शारीरिक रूप से साथ नहीं इसलिए दिल थोड़ा सा भारी है लेकिन वैचारिक रूप से हर कण-हर क्षण वो हम सबों के अंग-संग है. मैं आपका धन्यवाद इसलिए भी करना चाहता हूँ कि आपने इस चुनाव में मेरी हिम्मत, हौसले और जुनून को बनाए रखा है ठीक वैसे ही जैसे मेरे पिता के लिए करते हैं. आपकी पहनाई एक-एक माला, आपकी ओजस्वी आवाज में लगा एक-एक नारा, अन्याय के अन्धेरे को जड़ से मिटाने का… लालटेन जलाने का आपका प्रण… मुझपर ऋण है.

एक नया बिहार बनाने में आपने जो बढ़-चढ़ कर मेरा साथ दिया है उससे मुझे भी शक्ति मिली है कि अपनी हर एक सांस को बिहार की सेवा के लिए समर्पित करूं. हर उस इंसान के दुख दर्द को दूर करूं जो नीतीश-मोदी राज के नकारेपन का शिकार हुआ है. वो नियोजित शिक्षक जिनकी परवाह नीतीश चाचा को नहीं है. वो पीड़ित बच्चियां जिनके साथ घिनौने जुर्म और ज्यादतियों का अन्तहीन सिलसिला रहा. वो व्यापारी जो आए दिन रंगदारी, लूट डकैती से परेशान हैं, जी.एस.टी. नोटबन्दी की मार से बेहाल है. वो दलित, पिछड़े और वंचित लोग जिनके आरक्षण को खत्म करने की साजिशें की जा रहीं है.

वो हाशिए पर डाल दिए गए इंसान जो लगभग 14 साल के नीतीश चाचा के शासन के बाद भी ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाने को मजबूर है. वो घर चलाने वाली हमारी माताएं बहनें जिन्हें रसोई गैस और राशन मंहगा होने से घर चलाने में दिक्कत आ रही है. वो छात्र, शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार जिनकी योग्यता का मखौल उड़ा रहा है. वो बहन, बेटियां जिन पर घर में घुसकर एसिड अटैक हो रहा है. वो अल्पसंख्यक भाई जिनके खिलाफ नीतीश मोदी सरकार के मंत्री खुलेआम नफरत फैलाने वाले भाषण दे रहें है. वो प्रशासन के ईमानदार अधिकारी जिन्हें अपना फर्ज निभाने पर मोदी-नीतीश के मंत्रियों द्वारा गाली मिल रहीं है. वो मतदाता जिसका वोट पहले धोखे से छीना गया और अब चुनावों में धोखे से भाजपा और जदयू के पक्ष में डलवाने की असफल कोशिश हो रही है.

वो किसान जो सुसाईड नोट में ‘मोदी को वोट मत देना’ लिखकर मरने को मजबूर है. वो मजदूर जो 14 साल के नीतीश चाचा के राज के बाद भी घर छोड़ने को मजबूर है वो रिक्शेवाला जो 14 साल के नाकाम राज के बोझ को अभी तक भी खींचे जा रहा है. वो बेरोजगार जिसे दो करोड़ नौकरियों का झांसा देकर उसे पकौड़े बेचने का ज्ञान दे दिया गया. वो गरीब जिसके खाते में 15 लाख तो क्या 15 रूपये भी नहीं आए और बिहार का वो एक-एक नागरिक जो अभी भी बिहार के स्पेशल पैकेज और विशेष राज्य के दर्जे के वादे के पूरा होने का इन्तजार कर रहा है.

हम सब साथ मिलकर इस अन्यायी सत्ता को जड़ से उखाड़ेंगे, अत्याचारी अन्धेरों को घर में घुसकर हटाएँगे पर हिंसा से ‘तीर’ चलाकर नहीं, प्यार से ‘लालटेन’ जलाकर. याद रखिएगा हमारा एक वोट बिहार के एक-एक नागरिक को इंसाफ देगा… बिहार को एक नई प्रभात देगा. अंधेरों को हराते हैं, चलो लालटेन जलाते हैं. लालटेन का बटन दबाएं… राष्ट्रीय जनता दल को जिताएं… तानाशाही हटाएं… अपनी सरकार बनाएं

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