नई दिल्ली. 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बड़ी जीत दर्ज किया है. तीनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार होने बावजूद भी कांग्रेस को बड़ी हार मिली है. 2019 लोकसभा चुनाव में राजस्थान में बीजेपी ने 25 सीटों पर जीत दर्ज किया है, वही छत्तीसगढ़ में बीजेपी को कुल 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि मध्य प्रदेश में बीजेपी को 28 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है. बीजेपी को मध्य प्रदेश में कुल 42.08 प्रतिशत वोट, छत्तीसगढ़ में 50.57 प्रतिशत जबकि राजस्थान में कुल 58.43 प्रतिशत वोट मिले हैं. तीनों राज्यों में बीजेपी की ऐसी आंधी चली कि राज्य में कांग्रेस सरकार होने बाद भी पूरी तरह से फेल हुई. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने जिस तरह से बड़ी जीत दर्ज किया उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि जनता को नरेंद्र मोदी सरकार से कोई शिकायत नहीं है. शिकायत थी तो सिर्फ राज्य सरकारों यानी बीजेपी के मुख्यमंत्रियों से, इसका अंदाजा राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान वसुंधरा राजे के खिलाफ लगे नारे से भी लगाया जा सकता है. राजस्थान में वसुंधरा राजे से नाराज जनता ने नारा दिया था- मोदी तुमसे बैर नहीं, वसुंधरा तेरी खैर नहीं.

राजस्थान 2018 विधानसभा चुनाव सभी 199 सीटों पर 12 नवंबर से 20 नवंबर के बीच हुए थे. राजस्थान में वसुंधरा राजे 5 वर्षों से राज्य की सत्ता में काबिज थी, लेकिन बिधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने वसुंधरा राजे सरकार को उखाड़ फेका था. राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 99 और बीजेपी को सिर्फ 73 सीटें मिली थी. राजस्थान में बीजेपी की हार का सबसे बड़ा कारण वसुंधरा राजे स्टाइल था. अपने 5 वर्षों के कार्यकाल के दौरान सीएम वंशुधरा राजे जनता के बीच कभी नहीं गई. इसके अलावा वसुंधरा राजे ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों और बेराजगारी के मुद्दें पर ध्यान दिया था जिसकी वजह से राज्य में एंटी इनकंबेंसी का माहौल बन गया था. राज्य में जब से वसुंधरा राजे की सरकार आई थी तभी से कानून व्यवस्था को लेकर राज्य से पर उंगलियां उठनी शुरू हो गई थी.

छत्तीसगढ़ 2018 विधानसभा चुनाव 12 नवंबर से 20 नवंबर के बीच हुए थे. 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य में एकतरफा जीत दर्ज किया था. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सबसे बड़ी हार का कारण मुख्यमंत्री रमन सिंह पर लगे भष्ट्राचार के आरोप थे. इसके अलावा 15 वर्षों से राज्य में बीजेपी की सरकार होने की वजह से एंटी इनकंबेंसी का माहौल बन गया था. यही कारण था कि राज्य की जनता ने रमन सरकार को सिरे से खारिज कर दिया था.

मध्य प्रदेश 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 114 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि बीजेपी कुल 109 सीट पर सिमट गई थी. लेकिन 2019 लोकसभा चुनावों के नतीजे विल्कुल अलग हैं. 2018 विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता में 15 वर्षों से विराजमान बीजेपी को कांग्रेस ने उखाड़ फेका था. राज्य में बीजेपी की हार का सबसे बड़ा कारण किसानों का आंदोलन था. मंदसौर किसान आंदोलन से प्रदेश में किसानों की शिवराज व मोदी सरकार से नाराज़गी तो थी ही, ऊपर से 10 दिन में कर्ज़ माफी का वादा करके कांग्रेस ने अपना पक्ष और मजबूत कर लिया था. पिछले 5 वर्षों में राज्य में बेरोजगारी दर बहुत ज्यादा बढ़ गई थी और राज्य में शिवराज सरकार बेरोजगारी पर ध्यान देने के बजाय मंदिर और मूर्तियां बनवाने में व्यस्त थी जिसका नतीजा यह हुआ कि राज्य से शिवराज सिंह को अपनी कुर्सी गवांनी पड़ी.

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