लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्रचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने 82 मिनट की स्पीच दी जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग अलग प्रतिक्रिया सामने आई हैं. बहुजन समाजवादी पार्टी, बसपा की प्रमुख मायावती ने पीएम मोदी की स्पीच को 2019 लोकसभा चुनाव से प्रेरित बताया. बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि पीएम मोदी फेल हो गए लोगों की जिंदगी की सुरक्षा और आशा व ऊर्जा भरने में. यह स्वतंत्रता दिवस की स्पीच नहीं बल्कि चुनावी भाषण था जिसे पीएम मोदी ने 15 अगस्त को दी.

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि आजादी के मौके पर वार्षिक भाषण का महत्व होता है. यह स्पीच बेहतर हो सकती है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए भाषण का प्रयोग राजनीतिक तौर पर नहीं करना चाहिए था. पीएम मोदी को ऐसा भाषण ससंद में देना चाहिए. पीएम मोदी ने एक शब्द भी विदेश, व्यापार, पेट्रोल-डीजल, मंहगाई, बेरोजगारी आदि भंयकर समस्याओं पर नहीं बोला. जबकि पूरी दुनिया में इसकी गूंज हैं.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, बुधवार को 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले से 82 मिनट का भाषण दिया. जिसमें उन्होंने कई विषयों पर बोला. वहीं पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया यह 15 अगस्त का उनका दूसरा सबसे छोटा भाषण रहा है. इससे पहले 2017 स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने तकरीबन 54 मिनट का भाषण दिया था. यह उनका पहला स्वतंत्रता दिवस का छोटा भाषण था और आज का दिया हुआ दूसरा छोटा भाषण हैं.

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