नई दिल्ली. भाद्रपद माह हरतालिका तीज मनाई जाती है. इस बार हरतालिका तीज 2018 12 सितंबर को है. इस व्रत को सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रख भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करते हैं. इस पूजा का सुहागिनों के लिए खास महत्व होता है. तो जानिए क्या है हरतालिका तीज पूजन शुभ मुहूर्त, पूजा सामाग्री आदि.

हरतालिका दो शब्दों से बना है, हरित और तालिका. हरित का अर्थ है हरण करना और तालिका का मतलब सखी सहेली. ये पर्व भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है जो की कल पड़ रहा है. इसी वजह से इसे तीज कहते है। इस व्रत को हरितालिका इसलिए कहा जाता है, क्योकि पार्वती की सहेली उन्हें पिता के घर से हरण कर जंगल में ले गई थी.

हरतालिका तीज की पूजन सामग्री
गीली मिट्टी या बालू रेत. बेलपत्र, शमी पत्र, केले का पत्ता, धतूरे का फल, अकांव का फूल, मंजरी, जनैव, वस्त्र व सभी प्रकार के फल एंव फूल पत्ते आदि. पार्वती मॉ के लिए सुहाग सामग्री-मेंहदी, चूड़ी, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, बाजार में उपलब्ध सुहाग आदि। श्रीफल, कलश, अबीर, चन्दन, घी-तेल, कपूर, कुमकुम, दीपक, दही, चीनी, दूध, शहद और गंगाजल पंचामृत के लिए.

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