नई दिल्ली. किसी पत्नी के लिए मंगलसूत्र बड़े काम की चीज होती है. शादी के समय विधि के रूप में पहनाया जाने वाला मंगलसूत्र किसी भी सुहागिन का बहुत ख्याल रखता है. दरअसल विवाह के समय दुल्हन पर सबकी नजर टिकी होती है. इससे दुल्हन को नज़र लगने का डर रहता है. मंगलसूत्र में पिरोए गये काले मोती से काल यानी अशुभ शक्तियां दूर रहती है. मंगलसूत्र बुरी नज़र से रक्षा करता है इस मान्यता के वजह समय दुल्हन को मंगलसूत्र पहनाया जाता है. मंगल सूत्र के विषय में ये भी मान्यता है कि इससे पति पर आने वाले दुख दूर होते है.

पति के लिए प्यार की निशानी के लिए प्यार की निशानी माना जाने वाले मंगलसूत्र में सोने का पेंडेंट लगा होता है. शास्त्रों में कहा गया है कि सोना धारण करने से शरीर शुद्ध होता है. नहाते समय सोने का स्पर्श करके जो पानी शरीर पर गिरता है उससे पापों से मुक्ति मिलती है. मंगलसूत्र में मोर का चिन्ह बना होता है जो पति के प्रति प्रेम का प्रतीक माना जाता है. पेंडेंट पर कुछ अन्य चिह्न भी बने होते हैं जो बुरी नज़रों से बचाने वाले माने जाते हैं.

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सोना गुरू के प्रभाव में होता है. गुरू ग्रह को वैवाहिक जीवन में खुशहाली, संपत्ति एवं ज्ञान का कारक माना जाता है. यह धर्म का कारक भी है. काला रंग शनि का प्रतीक माना जाता है. शनि स्थायित्व और  निष्ठा का कारक ग्रह होता है. गुरू और शनि के बीच संबंध होने की वजह से मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन में सुख लाने वाला माना जाता है.

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