नई दिल्ली. कल सुबह व्रत शुरू करने से पहले आज रात हल्का भोजन कर लें. कल सुबह जल्दी उठकर तिल मिला कर स्नान करें. साफ कपड़े पहनें. पूरे दिन आपको अन्न का सेवन नहीं करना है. हां आप फल आदि ग्रहण कर सकते हैं. व्रत रात 12 बजे जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा. उसके बाद ही तोड़ना है. स्नान आदि करने के बाद सूर्य, सोम, पवन, भूमि, आकाश, को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर मुख बैठे. इसके बाद जल, फल, कुश और गंध लेकर संकल्प करें.

मैं कृष्णजन्माष्टमी व्रत कुछ विशिष्ट फल आदि और पापों से छुटकारा पाने के लिए करूंगा. शाम के समय एक बार फरि काले तिलों के जल से सन्ना करें. देवकीजी के लिए सूत से एक छोटा सा घर बनाएं. उसे वनमाला आदि से सजाकर द्वार पर रक्षा के लिए खड्ग रखें. सूत से बने घर में स्वास्तिक और ऊं आदि मांगलिक चिन्ह बनाएं. सूतिका गृह में श्री कृष्ण सहित माता देवकी की स्थापना करें. एक पाले या झूले पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल गोपाल वाली तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद पूर्ण भक्तिभाव से फूल, धूप, अक्षत, नारियल, सुपारी, ककड़ी, नारंगी से भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की पूजा करें.

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