नई दिल्ली. Family Guru Kharmas 2018: इंडिया न्यूज के खास शो फैमिली गुरु में जय मदान ने शुरु हो रहे अशुभ महीने खरमास में अगले 30 दिन आपको क्या करना है और क्या नहीं उसके बारे में बताया है. वहीं शो में बताया है कि मकर संक्रांति तक आपको कैसे हर अशुभ काम ने बचना है. सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन को संक्रान्ति कहते हैं. जब दो पक्षों में संक्रान्ति नहीं होती है, तब अधिक मास होता है, जिसे मलमास या फिर खरमास भी कहते है. यह स्थिति 32 महीने और 16 दिन में होती है यानि लगभग हर तीन वर्ष बाद मलमास पड़ता है.

क्या है मलमास?
खरमास लगने पर एक महीने तक के लिए सारे शुभ काम रोक दिए जाते हैं… सूर्य जब बृहस्पति की राशि धनु या फिर मीन में होता है तो ये दोनों राशियां सूर्य की मलीन राशि मानी जाती है. साल में दो बार सूर्य बृहस्पति की राशियों के संपर्क में आता है. पहले 15-16 दिसंबर से 14-15 जनवरी और दूसरा 14 मार्च से 13 अप्रैल. दूसरी बार में सूर्य मीन राशि में रहते हैं…. अभी पहला वाला वक्त है. यानि 16 दिसंबर से 14-15 मार्च का. अब जानिए क्यों होते हैं इस महीने में शुभ काम मना

सूर्य की गणना के आधार पर इन दोनों महीनों को धनु मास और मीन मास कहा जाता है. इन दोनों महीनों में मांगलिक कार्यों को रोक दिया जाता है. इस मास में रामायण, गीता तथा अन्य धार्मिक व पौराणिक ग्रंथों के दान आदि का भी महत्व माना गया है. वस्त्रदान, अन्नदान, गुड़ और घी से बनी वस्तुओं का दान करना अत्यधिक शुभ माना गया है.

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