नई दिल्ली. Family Guru Jai Madaan: इंडिया न्यूज के खास शो फैमिली गुरु में जय मदान ने उन परंपरा के बारे में बताया है जो कि घर में खुशिया लेकर आती हैं. माथे पर तिलक लगाना भी एक पूरानी पंरपरा हैं जो कि हमारे लिए बहुत ही शुभकारी होता है. स्त्री और पुरुष माथे पर कुमकुम, चंदन का तिलक लगाते हैं. इस परंपरा का वैज्ञानिक तर्क भी है. दोनों आंखों के बीच में आज्ञा चक्र होता है. इसी चक्र स्थान पर तिलक लगाया जाता है. इस चक्र पर तिलक लगाने से हमारी एकाग्रता बढ़ती है. मन बेकार की बातों में उलझता नहीं है. तिलक लगाते समय उंगली या अंगूठे का जो दबाव बनता है, उससे माथे तक जाने वाली नसों में खून का संचार ठीक से होता है.

जमीन पर बैठकर भोजन करना
डाइजेशन और पेट के लिए बहुत फायदेमंद है. पालथी मारकर बैठना एक योग आसन है। इस तरह बैठने से मस्तिष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त दिमाग शांत हो तो डाइजेशन अच्छा रहता है. पालथी मारकर भोजन करते समय दिमाग से एक संकेत पेट तक जाता है कि पेट भोजन ग्रहण करने के लिए तैयार हो जाए. इस आसन में बैठने से गैस, कब्ज, अपच जैसी समस्याएं दूर रहती हैं.

हाथ जोड़कर नमस्ते करना
हम जब भी किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर नमस्ते या नमस्कार करते हैं. इस परंपरा का वैज्ञानिक तर्क यह है नमस्ते करते समय सभी उंगलियों के शीर्ष आपस में एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं और उन पर दबाव पड़ता है. हाथों की उंगलियों की नसों का संबंध शरीर के सभी प्रमुख अंगों से होता है. इस वजह से उंगलियों पर दबाव पड़ता है तो इस एक्यूप्रेशर का सीधा असर हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है. साथ ही, नमस्ते करने से सामने वाला व्यक्ति हम लंबे समय तक याद रह पाता है.

पीपल की पूजा
आमतौर पर लोगों की मान्यता यह है कि पीपल की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसका एक तर्क ये है कि इसकी पूजा इसलिए की जाती है, ताकि हम पेड़ों की सुरक्षा और देखभाल करें और पेड़ों का सम्मान करें, उन्हें काटें नहीं। पीपल एक ऐसा पेड़ है, जो रात में भी ऑक्सीजन छोड़ता है। इसीलिए दूसरे पेड़ों की जगह इसे ज्यादा फायदेमंद बताया गया है.

व्रत रखना
पूजा-पाठ, त्योहार या एकादशियों पर लोग व्रत रखते हैं। व्रत से डाइजेशन अच्छा होता है. व्रत करने से कई बीमारियों का खतरा कम होता है और शरीर को आराम मिलता है.

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