नई दिल्ली. कल एक बड़ा दिन है. कल है आषाढ अमावस्या और कल ही गुप्त नवरात्र शुरु हो रहे है. इसके अलावा कल ही सूर्यग्रहण भी है. ये तीनों संयोग एक ही दिन पड़ रहे हैं और आज जय मदान आपको कल की पूरी तैयारी करवाने वाली हैं. ध्यान से पढ़िये. आषाढ़ अमावसया के दिन कल आपको कौन से उपाय करने हैं और कौन सी चीजें नहीं करनी हैं. ये जानना बहुत जरुरी है क्योंकि आषाढ अमावस्या पर आपसे कोई गलती नहीं चाहिए.

अब वो उपाय जानिए जिन्हें कल करने चाहिए-

1- हिंदू धर्म में अमावस्या को पितरों की तिथि माना गया है. इसलिए इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए गाय के गोबर से बने उपले (कंडे) पर शुद्ध घी व गुड़ मिलाकर धूप सुलगते हुए कंडे पर रखना है . घी और गुड़ उपलब्ध न हो तो खीर से भी धूप दे सकते हैं.

यदि यह भी संभव न हो तो घर में जो भी ताजा भोजन बना हो, उससे भी धूप देने से पितर प्रसन्न हो जाते हैं. धूप देने के बाद हथेली में पानी लें और अंगूठे से उसे धरती पर छोड़ दें. ऐसा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है.

2- अमावस्या के दिन भूखे लोगों को भोजन जरुर कराएं. वैसे मैं तो कहूंगी हमेशा कराया करें. लेकिन हमेशा नहीं करा सकते तो कल जरुर कराएं. इस दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं. गोलियां बनाते समय भगवान का नाम लेते रहें. इसके बाद पास के किसी तालाब या नदी में जाकर आटे की गोलियां मछलियों को खिला दें. इस उपाय से आपके जीवन की अनेक परेशानियों का अंत हो सकता है. अमावस्या के दिन चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं. ऐसा करने से आपके पाप कम होंगे और पुण्य बढ़ेंगे.

3- अमावस्या को शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं. बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें. साथ ही दीएं में थोड़ी सी केसर भी डाल दें. यह मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उपाय है.

4- अमावस्या व मंगलवार के शुभ योग में किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. संभव हो तो हनुमानजी को चमेली के तेल से चोला भी चढ़ा सकते हैं. ये उपाय करने से साधक की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.

5- अमावस्या की रात को करीब 10 बजे नहाकर साफ पीले रंग के कपड़े पहन लें. इसके उत्तर दिशा की ओर मुंह करके ऊन या कुश के आसन पर बैठ जाएं. अब अपने सामने पटिए बाजोट या चौकी पर एक थाली में केसर का स्वस्तिक या ऊं बनाकर उस पर महालक्ष्मी यंत्र स्थापित करें. इसके बाद उसके सामने एक दिव्य शंख थाली में स्थापित करें. अब थोड़े से चावल को केसर में रंगकर दिव्य शंख में डालें. घी का दीपक जलाकर नीचे लिखे मंत्र का कमलगट्टे की माला से ग्यारह माला जाप करें-

मंत्र- सिद्धि बुद्धि प्रदे देवि मुक्ति भुक्ति प्रदायिनी.
मंत्र पुते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते.

मंत्र जाप के बाद इस पूरी पूजन सामग्री को किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर दें. इस प्रयोग से आपको धन लाभ होने की संभावना बन सकती है.

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