नई दिल्ली. श्रीमद् भगवद् गीता में अनेक प्रकार की योग पद्धतियां बताई गई हैं भक्ति योग, कर्म योग, ज्ञान योग, हठ योग. योग शब्द का अर्थ होता है ‘जोड़ना’. श्रीमद् भगवद् गीता के बारे में कहा जाता है कि आप अगर इसके अनुसार चलेंगे तो आपके जीवन में परेशानियां कम होंगी. जिस व्यक्ति को नौकरी नहीं मिल रही वह परेशान है तो उनके लिए भी श्रीमद् भगवद् गीता काफी कारगार है.
 
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इसका अर्थ है की कैसे हम अपने को ईश्वर से जोड़ें. यह ईश्वर से पुनः जुड़ने या संबंध बनाने का साधन है.कालक्रम से श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया यह योग लुप्त हो गया था . ऐसा क्यों हुआ? क्या जिस समय श्री कृष्ण अर्जुन से श्री गीता कह रहे थे उस समय विद्वान साधु नहीं थे? लेकिन इसंमें क्या  है खास और कैसे बनेंगे मैनेजमेंट गुरु बताएंगी फैमिली गुरु जय मदान इंडिया न्यूज के शो फैमिली गुरु में