बॉलीवुड डेस्क, मुंबई. फिल्म  पानीपत पीरियड ड्रामा फिल्म है. हालांकि बॉलीवुड में इससे पहले कई ऐसी फिल्में बन चुकी है, जो ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है. लेकिन पानीपत इन दिनों काफी सुर्खियों में है. खासकर पानीपत में अभिनेता संजय दत्त की भूमिका को लेकर एक तरफ लोग एक्साइटेड भी है और दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनके इस रोल पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं. 

जानिए कौन थे अहमद शाह अब्दाली-

पानीपत की तीसरी लड़ाई में अहमद शाह अब्दाली की भूमिका काफी अहम मानी जाती है. अहमद शाह अब्दाली साल 1748 में अफगानिस्तान के शासक और दुर्गानी साम्राज्य के शासक बने. इसलिए उन्हें अहमद शाह दुर्गानी भी कहा जाता है. अहमद ने भारत पर कई बार आक्रमण किया लेकिन 1757 में उन्होंने दिल्ली में सबसे बड़ा हमला किया और वहां लूटपाट की. दिल्ली में लूटपाट करने के बाद अब्दाली ने ब्रज, मथुरा और आगरा में भी लूटपाट की.

लेकिन उसकी लूटपाट ज्यादा दिनों तक नहीं चली और बाद में जब मुगलों के अधिकतर जगहों पर मराठाओं का अधिकार हो गया तो अहमद शाह अब्दाली को मराठों से संकट होने लगा. सिर्फ अब्दाली को ही नहीं बल्कि अवध के नवाब सुजाउद्दौला और रोहिल्ला सरदार नजीब उददोला सहित पूरे उत्तर भारत की शक्तियों को मराठों से खतरा महसूर होने लगा. इसके बाद सभी ने मिलकर मराठों को सबक सिखाने का फैसला लिया. इसके बाद उन्होंने मराठा साम्राज्य पर आक्रमण किया, जिसे पानीपत का तीसरा युद्ध कहा जाता है.

पानीपत की तीसरी लड़ाई की पूरी कहानी-

पानीपत की तीसरी लड़ाई 14 जनवरी 1761 में हरियाणा के पानीपत मैदान में हुई. ये लड़ाई मराठा साम्राज्य और मुग़ल साम्राज्य के बीच हुई. इस लड़ाई में एक तरफ अफगानिस्तान के आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली थे. इस युद्ध में अब्दाली का साथ दोआब के अफगान रोहिला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला ने दिया. वहीं दूसरी ओर पुणे के सदाशिव राव भाऊ पेशवा और मराठा साम्राज्य था. इस लड़ाई में अहमद शाह अब्दाली ने सदाशिव राव भाऊ को हराकर जीत हासिल की. हालांकि यह हार इतिहास मे मराठों की सबसे बुरी हार मानी जाती है. इस लड़ाई में कई मराठों ने अपनी जान गंवाई.

कहा जाता है उस समय उत्तर में बालाजी बाजी राव जिन्हें नाना साहेब कहा जाता है. वे मराठा साम्राज्य के पेशवा यानि प्रधानंत्री थे. बालाजी बाजी राव ने इस पानीपत की तीसरी लड़ाई के लिए अहमद शाह अब्दाली से लड़ने के लिए सदाशिव राव भाऊ को चुना. हालांकि उस वक्त भारत में रघुनाथ राव और महादजी सिंधिया जैसे अनुभवी भी थे. लेकिन बालाजी बाजी राव इन दोनों पर भरोसा ना करते हुए सदाशिव राव भाऊ को इस लड़ाई के लिए चुना. सदाशिव मराठा साम्राज्य के सबसे ताकतवर सेनापति थे. लेकिन उन्हें उत्तर में लड़ने का कोई अनुभव नहीं था. आखिरकार इस लड़ाई में मराठा साम्राज्य हार गया. बालाजी बाजी राव का ये निर्णय उनकी सबसे बड़े भूल थी.

बता दें कि फिल्म पानीपत में सदाशिव राव भाऊ की भूमिका अर्जुन कपूर निभा रहे हैं.

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